बिहार के सीवान जिले मे SP आवास के पास खुलेआम स्मैक का कारोबार, पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में
सीवान जिले में एसपी आवास के पास नशे का अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है। स्थानीय जनता में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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Siwan Illegal drug trade: बिहार के सीवान जिले में नशाखोरी के खिलाफ पुलिस प्रशासन के तमाम दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एसपी आवास के पीछे कुछ लोग लाइन में खड़े होकर नशीली स्मैक खरीद रहे हैं। यह मामला न केवल पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि आखिरकार प्रशासन इस अवैध कारोबार को रोकने में क्यों असमर्थ है।
एसपी आवास के पास नशे का अड्डा
सीवान के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एसपी आवास से महज 200 मीटर की दूरी पर स्मैक का कारोबार खुलेआम चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह धंधा लंबे समय से चल रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन इसे रोकने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। वायरल हो रहे वीडियो ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां स्मैक की बिक्री इतनी खुलेआम हो रही है कि यह किसी लाइसेंसी दुकान जैसा प्रतीत होता है। ललित बस स्टैंड के पास तो नशे के कारोबारी बिना किसी डर के अपना काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार से न केवल युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, बल्कि अपराध की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एसपी आवास के इतने पास स्मैक की बिक्री कैसे हो रही है? क्या प्रशासन इसे जानबूझकर नजरअंदाज कर रहा है, या फिर इसमें पुलिस की मिलीभगत है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण यह अवैध धंधा लगातार बढ़ता जा रहा है। जबकि प्रशासन शराब तस्करों और माफियाओं पर शिकंजा कसने का दावा करता है, मादक पदार्थों के इस बड़े नेटवर्क पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह स्थिति न केवल प्रशासन की नाकामी को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कहीं न कहीं पुलिस इस अवैध कारोबार पर आंखें मूंदे बैठी है।
अपराध की घटनाओं में इजाफा
स्मैक के बढ़ते सेवन से जिले में अपराध का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। नशे की लत के कारण चोरी और लूट की घटनाओं में इजाफा हो रहा है। इसके अलावा, कई युवाओं की मौत भी इस नशे की वजह से हो चुकी है। बावजूद इसके, प्रशासन ने अब तक इस गंभीर मुद्दे को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस कारोबार पर जल्द ही रोक नहीं लगाई गई, तो जिले में अपराध और बढ़ेगा। नशे की लत से प्रभावित लोग अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है।
प्रशासन के खिलाफ बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय जनता में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पुलिस और सरकार को इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह अवैध धंधा और फैल सकता है, जिससे जिले की स्थिति और खराब हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की सख्ती से जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। उनका कहना है कि नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए न केवल सख्त कदम उठाने की जरूरत है, बल्कि प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह की गतिविधियां दोबारा न हों।
पुलिस प्रशासन को कार्रवाई की जरूरत
यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह नशे का कारोबार समाज को बर्बाद कर रहा है। एसपी आवास के ठीक पीछे इस तरह की गतिविधियां होना बेहद चिंताजनक है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की तुरंत जांच करे और इस अवैध धंधे को बंद कराए। इसके साथ ही, नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और सख्त कानून लागू करने की भी जरूरत है। यदि पुलिस इसी तरह निष्क्रिय बनी रही, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले लेगी।
सीवान में नशे का मामला
सीवान में नशे का यह मामला पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल है। यह केवल नशाखोरी का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज के नैतिक पतन की ओर भी इशारा करता है। प्रशासन को न केवल दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार और प्रशासन मिलकर इस समस्या का समाधान करें और जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। इससे न केवल अपराध में कमी आएगी, बल्कि युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित होगा।
सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट