सीवान में सिपाही भर्ती परीक्षा में हंगामा, छात्रों का आरोप- 'कर्मचारी बांट रहे थे चोरी के पुर्जे'

बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सीवान के संघमित्रा पब्लिक स्कूल केंद्र पर अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया है।परीक्षा देकर निकले छात्रों का आरोप है कि केंद्र के अंदर तैनात बायोमेट्रिक कर्मियों द्वारा कुछ परीक्षार्थियों को नकल के पुर्जे (चिट) दिए।

सीवान में सिपाही भर्ती परीक्षा में हंगामा- फोटो : news 4 nation

बिहार के सभी जिलों में बुधवार को केंद्रीय चयन परिषद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान सीवान से हंगामे की एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने नकल कराए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए परीक्षा केंद्र पर जमकर बवाल किया। हंगामा और विरोध प्रदर्शन के बाद परीक्षा केंद्र और उसके आसपास के इलाके में अचानक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।


संघमित्रा पब्लिक स्कूल केंद्र पर हुआ हंगामा

यह पूरा मामला सीवान के मुफ्तीपुर स्थित 'संघमित्रा पब्लिक स्कूल' परीक्षा केंद्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को दूसरे चरण की प्रथम पाली (फर्स्ट शिफ्ट) की परीक्षा जैसे ही समाप्त हुई, केंद्र से बाहर निकले एक छात्र ने खुलेआम परीक्षा में धांधली और नकल कराए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद देखते ही देखते अन्य अभ्यर्थी भी लामबंद हो गए और केंद्र के बाहर जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया।

बायोमेट्रिक कर्मियों पर पुर्जा बांटने का गंभीर आरोप

परीक्षा केंद्र से बाहर निकले छात्रों ने व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। एक अभ्यर्थी के अनुसार, परीक्षा केंद्र के अंदर जिन कर्मियों को अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी और जांच प्रक्रिया के लिए तैनात किया गया था, वही कर्मी कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को नकल करने के लिए पुर्जे (चिट) सप्लाई कर रहे थे। इस खुलासे के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और परीक्षा केंद्र का माहौल पूरी तरह गरमा गया।


जांच के लिए केंद्र पर पहुंचे आला अधिकारी

परीक्षा केंद्र पर मचे भारी बवाल और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय मुफ्तीपुर (मुफ्फसिल) थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीपीओ सदर-1 अजय कुमार सिंह और सदर एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता भी फौरन संघमित्रा पब्लिक स्कूल केंद्र पर पहुंचे। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की सघनता से जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सिवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट