सुपौल नगर वासियों को मुख्य पार्षद की बड़ी सौगात, आधुनिक मुक्तिधाम में नि:शुल्क विद्युत शवदाह की हुई शुरुआत

सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा 'राघव' की विशेष पहल से शहर वासियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक नए मुक्तिधाम की सौगात मिली है। इस नवनिर्मित परिसर में अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है....

नगर वासियों को मुख्य पार्षद की बड़ी सौगात- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : सुपौल नगर परिषद के मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा 'राघव' की विशेष पहल से शहर वासियों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित एक नए मुक्तिधाम की सौगात मिली है। इस नवनिर्मित परिसर में अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है, जहां आम लोगों के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क दाह संस्कार की व्यवस्था की गई है। नगर परिषद का यह कदम विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिससे अंतिम संस्कार के समय उन पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा।


मुक्तिधाम परिसर में मुहैया कराई गई हैं कई आधुनिक सुविधाएं

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने बताया कि नगरवासियों को उनके परिजनों की सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमेशा से नगर परिषद की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसी जनकल्याणकारी उद्देश्य को पूरा करने के लिए मुक्तिधाम परिसर में आने वाले लोगों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय, पूजा-पाठ के लिए एक अलग समर्पित स्थान, एक सुंदर एवं स्वच्छ पोखर, बैठने की समुचित व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है।


भय का माहौल हुआ खत्म, अब रात में भी जुटते हैं लोग

मुख्य पार्षद ने परिसर में हुए बदलावों को साझा करते हुए बताया कि एक समय ऐसा था जब शहर के लोग इस मुक्तिधाम के आसपास दिन के उजाले में भी आने से कतराते थे और वहां एक डर का माहौल रहता था। लेकिन नगर परिषद के प्रयासों से अब इस पूरे परिसर की सूरत पूरी तरह बदल चुकी है। बेहतर साफ-सफाई, चारों तरफ बिखरी हरियाली और रात के समय की गई शानदार प्रकाश (लाइटिंग) व्यवस्था के कारण अब लोग रात के वक्त भी यहाँ आकर सुकून से बैठकर बातचीत करते दिखाई देते हैं, जो नगर परिषद के विकास कार्यों का एक बड़ा उदाहरण है।


मुफ्त शव वाहन सेवा से अंतिम यात्रा हुई और भी सुगम

विद्युत शवदाह के अलावा नगर परिषद ने स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निशुल्क शव वाहन (एम्बुलेंस) की भी व्यवस्था की है। मुख्य पार्षद ने कहा कि पहले के समय में लोगों को मृत शरीर को काफी लंबी दूरी तक अपने कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ता था, जिससे परिजनों को भारी कठिनाई होती थी। लेकिन अब नगर परिषद द्वारा मुफ्त शव वाहन की सुविधा शुरू कर दिए जाने से अंतिम यात्रा पहले की तुलना में अधिक सम्मानजनक, सुगम और सुविधाजनक हो गई है।


सुपौल शहर की नई पहचान बन रहा यह आधुनिक मुक्तिधाम

कुल मिलाकर, नगर परिषद द्वारा संचालित और पूरी तरह से कायाकल्प किया गया यह आधुनिक मुक्तिधाम आज सुपौल शहर के लिए विकास और जनसेवा की एक नई पहचान बनता जा रहा है। अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह, निशुल्क दाह संस्कार की सुविधा, स्वच्छ और हरा-भरा परिसर, पूजा-पाठ के लिए उत्तम व्यवस्था और मुफ्त शव वाहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के जुड़ जाने से अब नगरवासियों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए एक बेहद सुलभ, सम्मानजनक और सुगम व्यवस्था मिल गई है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट