अभाविप का प्रांत अभ्यास वर्ग शुरू: भारत माता के पूजन के साथ 4 दिवसीय वैचारिक मंथन का आगाज, जुटेंगे 300 से अधिक छात्र नेता
सुपौल स्थित राधेश्याम पब्लिक स्कूल परिसर में अभाविप उत्तर बिहार प्रांत के चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का भव्य और विधिवत उद्घाटन हुआ। इस वर्ग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वैचारिक रूप से समृद्ध करना, राष्ट्र निर्माण में छात्र शक्ति की भूमिका तय करना
Supaul : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) उत्तर बिहार प्रांत के चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग का शुक्रवार को सुपौल स्थित राधेश्याम पब्लिक स्कूल परिसर में भव्य और विधिवत उद्घाटन हुआ। क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत, प्रांत अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार और प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर इस विशेष सत्र की शुरुआत की। उत्तर बिहार के 36 संगठनात्मक जिलों से आए 300 से अधिक छात्र-छात्रा प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शुरू हुए इस वर्ग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वैचारिक रूप से समृद्ध करना, राष्ट्र निर्माण में छात्र शक्ति की भूमिका तय करना और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
ज्ञान और राष्ट्र चेतना का केंद्र रहा है बिहार: प्रदीप शेखावत
उद्घाटन सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत ने बिहार की गौरवशाली ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को याद किया। उन्होंने कहा कि बिहार केवल एक भौगोलिक टुकड़ा नहीं, बल्कि विश्व को ज्ञान का प्रकाश देने वाली नालंदा और विक्रमशिला जैसी महान यूनिवर्सिटीज की भूमि है। अभाविप का यह अभ्यास वर्ग युवाओं के लिए सिर्फ एक संगठनात्मक ट्रेनिंग का मंच नहीं है, बल्कि उन्हें देश की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने की एक बड़ी पाठशाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के पुनर्निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे निर्णायक होने वाली है।
'ज्ञान, शील और एकता' के मूल मंत्र पर बढ़ता विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन
अभाविप के प्रांत अध्यक्ष विवेकानंद तिवारी ने संगठन के ऐतिहासिक सफर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1949 में अपनी स्थापना के बाद से विद्यार्थी परिषद आज 'ज्ञान, शील और एकता' के मूल मंत्र के साथ विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है। परिषद का लक्ष्य सिर्फ छात्र संघ चुनावों को जीतना या आंदोलन खड़ा करना नहीं है, बल्कि देश को ऐसा मजबूत युवा नेतृत्व देना है जो समाज के प्रति अपनी जवाबदेही समझे। यह चार दिवसीय अभ्यास वर्ग कार्यकर्ताओं को सैद्धांतिक रूप से मजबूत करने और उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करने का एक बड़ा जरिया है।
36 जिलों के कार्यकर्ताओं को मिलेगी सांगठनिक और सामाजिक ट्रेनिंग
प्रांत मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने वर्ग की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में उत्तर बिहार के सभी 36 जिलों के 300 से अधिक चुनिंदा छात्र-छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न सत्रों के माध्यम से इन युवाओं को राष्ट्र जीवन के विविध आयामों, संगठन की कार्यपद्धति, छात्र हितों की रक्षा और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सामाजिक उत्तरदायित्व) का कड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। परिषद का यह अटूट विश्वास है कि इस वर्ग से प्रशिक्षित, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ होकर निकलने वाले युवा ही भारत के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बनेंगे।
कैंपस से लेकर समाज सेवा और आपदा राहत तक अभाविप अग्रणी
प्रांत संगठन मंत्री राकेश मौर्य ने कार्यकर्ताओं की उपयोगिता पर बात करते हुए कहा कि किसी भी मजबूत संगठन की असली रीढ़ उसके वैचारिक रूप से ट्रेंड और समर्पित कार्यकर्ता होते हैं। विद्यार्थी परिषद का दायित्व केवल कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपसों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बाढ़ या आपदा राहत, देशव्यापी रक्तदान शिविर, ग्राम विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता जैसे बड़े राष्ट्रीय अभियानों में भी अभाविप के कार्यकर्ता हमेशा अग्रिम पंक्ति में खड़े नजर आते हैं। संगठन हर विद्यार्थी को सकारात्मक दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
महामंथन के लिए विशेषज्ञों की टोली तैयार, सुपौल में दिखा अनूठा उत्साह
चार दिनों तक चलने वाले इस प्रांतीय वर्ग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), छात्र नेतृत्व विकास, सांगठनिक विस्तार, पर्सनालिटी डेवलपमेंट और समसामयिक राष्ट्रीय मुद्दों पर वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा गहन मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके साथ ही ग्रुप डिस्कशन (समूह चर्चा), संवाद और अनुभव साझा करने के सत्र भी होंगे। इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए सुपौल जिले के स्थानीय कार्यकर्ता पिछले कई हफ्तों से दिन-रात जुटे हुए थे, जिन्होंने आवास, भोजन, पंजीकरण, चिकित्सा और अनुशासन जैसे अलग-अलग विभागों की कमान संभाली है। कार्यक्रम स्थल पर नजर आ रहा युवाओं का अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का जज्बा पूरे माहौल को ऊर्जावान बना रहा है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट