नशीले इंजेक्शन के साथ फरार अभियुक्त गिरफ्तार, 4230 एमएल प्रतिबंधित दवा बरामद

नशीले इंजेक्शन के साथ फरार अभियुक्त गिरफ्तार- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए काफी समय से फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को धर दबोचा। पुलिस टीम ने जब आरोपी के ठिकाने पर छापेमारी की, तो वहाँ से भारी मात्रा में अवैध और प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।


घर की छत पर रंगे हाथ पकड़ा गया तस्कर 

एसडीपीओ राजीव रंजन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 27 जून 2026 को नशीले पदार्थों के मामलों में वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इसी क्रम में पुलिस ने सुपौल थाना क्षेत्र के विद्यापुरी वार्ड नंबर-02 में रहने वाले संतोष कुमार मुखिया के घर पर अचानक दबिश दी। पुलिस जब घर के भीतर दाखिल हुई तो आरोपी अपनी छत पर नशीले इंजेक्शनों को छोटे-छोटे पॉलीथीन के पैकेटों में पैक कर रहा था, जिसे पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।


लाखों की प्रतिबंधित दवाएं और मोबाइल जब्त 

गिरफ्तार तस्कर के पास से पुलिस ने कुल 2,115 वायल (शीशियां) नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनकी कुल मात्रा 4,230 एमएल आंकी गई है। बरामद खेप में एनआरएक्स बुप्रेनॉर्फिन (Leegesic) की 1,230 वायल (2,460 एमएल) और फेनिरामाइन मैलिएट (Avil) की 885 वायल (1,770 एमएल) शामिल हैं। पुलिस ने इन प्रतिबंधित दवाइयों को विधिवत जब्त करने के साथ ही आरोपी का एक स्मार्ट मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे तस्करों के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।


पुराना आपराधिक इतिहास और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले 

पकड़ा गया अभियुक्त संतोष कुमार मुखिया पुराना पेशेवर अपराधी है और उसके खिलाफ सुपौल थाने में पहले से ही गंभीर मामले दर्ज हैं। वह इससे पहले 11 जनवरी 2026 को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम (कांड संख्या-21/2026) और 05 मई 2026 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं (कांड संख्या-320/2026) के तहत फरार चल रहा था। इस नई बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एक और नया मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।


तस्करी के मुख्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस

इस बड़ी बरामदगी के बाद अब पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की यह इतनी बड़ी खेप सुपौल में कहाँ से सप्लाई की जा रही थी। पुलिस अधिकारी इस गिरोह के मुख्य सरगना और इसमें शामिल अन्य स्थानीय पैडलर्स की पहचान करने में जुटे हैं। जिला पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नशेडियों और तस्करों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट