सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट : मुन्नाभाइयों और स्कॉलर्स पर रहेगी पैनी नजर, कदाचार करने वालों को सीधे भेजा जाएगा जेल
Supaul : केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती), बिहार, पटना द्वारा विज्ञापन संख्या-01/2026 के तहत आयोजित होने वाली सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा को लेकर सुपौल जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं. आगामी 24 जून 2026 को जिले के छह निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. परीक्षा को पूरी तरह सफल, निष्पक्ष, गोपनीय और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सोमवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) सावन कुमार ने समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय ब्रीफिंग बैठक की. इस बैठक में सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिन्हें परीक्षा संचालन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए.
अभ्यर्थियों की होगी सघन जांच, निषिद्ध इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध
ब्रीफिंग के दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट किया कि सिपाही भर्ती परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतियोगी परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों के मुख्य गेट पर ही अभ्यर्थियों की सघन (कड़ी) शारीरिक जांच की व्यवस्था की जाए. परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार की निषिद्ध सामग्री, जैसे- मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, चिट-पुर्जा या अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के प्रवेश को पूरी तरह से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि परीक्षा ड्यूटी में प्रतिनियुक्त किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मी की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और वीक्षण व्यवस्था के लिए कड़े नियम, मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात
बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षित प्राप्ति, उनके गोपनीय भंडारण और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित वितरण की पूरी चेन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के भीतर वीक्षण व्यवस्था (इन्विजिलेशन) को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सभी छह परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती कर दी गई है. परीक्षा के दौरान केंद्रों के भीतर और बाहरी परिसर में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम रहेंगे.
मुन्नाभाइयों और स्कॉलर्स पर रहेगी पैनी नजर, कदाचार करने वालों को सीधे भेजा जाएगा जेल
जिलाधिकारी ने कदाचार में लिप्त रहने वाले गिरोहों और अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि या 'मुन्नाभाई' (दूसरों के स्थान पर परीक्षा देने वाले) पर पैनी नजर रखने के लिए खुफिया तंत्र को भी अलर्ट किया गया है. यदि कोई भी अभ्यर्थी या बाहरी व्यक्ति कदाचार करते या कराते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध बिहार परीक्षा नियंत्रण अधिनियम के तहत नियमानुसार तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा.
समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने की अपील, जिला प्रशासन ने तैयारियों को दिया अंतिम रूप
परीक्षा को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने और वास्तविक अभ्यर्थियों को एक समान व निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है. प्रशासन ने परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों से भी अपील की है कि वे पर्षद द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करें. अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी से बचने के लिए निर्धारित समय से काफी पहले अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने, एडमिट कार्ड सहित सभी आवश्यक मूल दस्तावेज साथ रखने और केंद्र के नियमों का पूरी तरह अनुपालन करने की सलाह दी गई है.