परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि के विकास की मांग तेज, पूर्व सीएम नीतीश कुमार से की गई पहल की अपील
सुपौल के प्रसिद्ध लोकसंत एवं महान साहित्यकार परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि परसमा के विकास को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। श्री उग्रतारा माता मंदिर न्यास समिति, महिषी के उपाध्यक्ष ने इस संबंध में पूर्व सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की ...
Supaul : प्रसिद्ध लोकसंत एवं महान साहित्यकार परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि, सुपौल जिले के परसमा स्थित पावन स्थल के विकास को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। श्री उग्रतारा माता मंदिर न्यास समिति, महिषी के उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार मिश्रा ने इस संबंध में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से विशेष पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उन्हें इस धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल के विकास को लेकर एक मांग पत्र भी सौंपा है।
प्रशासनिक प्रस्ताव के बाद भी धरातल पर काम लंबित
न्यास समिति के उपाध्यक्ष ने पर्यटन विभाग द्वारा इस योजना को स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक धरातल पर काम शुरू न होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में बताया कि परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं की जन्मभूमि के सम्यक विकास के लिए सुपौल जिला प्रशासन द्वारा पहले ही भूमि उपलब्ध करा दी गई थी और इसका प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया था। इस प्रशासनिक तैयारी के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य का लंबित रहना स्थानीय श्रद्धालुओं की चिंता को बढ़ा रहा है।
विभाग की ओर से निर्देश जारी, पर काम अब तक अधूरा
विभागीय उदासीनता पर प्रकाश डालते हुए पत्र में कहा गया है कि पिछले वर्ष 25 जुलाई 2025 को ही पर्यटन विभाग ने प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) को परियोजना प्रस्ताव तैयार कर आगे की आवश्यक कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद स्थानीय लोगों में विकास कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक इस पावन स्थल पर किसी भी तरह का विकास कार्य या निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है।
मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
प्रवीण कुमार मिश्रा ने पूर्व मुख्यमंत्री से बात करते हुए कहा कि परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाईं मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के अग्रणी स्तंभ रहे हैं। उनके अनुयायी न केवल मिथिलांचल बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी फैले हुए हैं। इस ऐतिहासिक जन्मभूमि का व्यवस्थित विकास होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे इस ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भारी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की उम्मीद
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पुरजोर आग्रह किया है कि वे इस पावन भूमि के विकास कार्य को जल्द से जल्द शुरू करवाने के लिए पर्यटन विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करें। न्यास समिति के उपाध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से लेगी और मिथिलांचल के लोगों व गोसाईं जी के करोड़ों अनुयायियों की लंबे समय से चली आ रही इस जायज मांग को शीघ्र पूरा करेगी।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट