नेपाल में बारिश से कोसी बराज का जलस्राव 1.36 लाख क्यूसेक पार, तटबंध के अंदर बसे ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
नेपाल के तराई क्षेत्रों और कोसी नदी के मुख्य जलग्रहण (कैचमेंट) इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से कोसी बराज का जलस्राव 1.36 लाख क्यूसेक पार चला गया है।नदी के जलस्राव में अचानक आई इस तेजी के कारण तटबंध के अंदर बसे ग्रामीणों में चिंता बढ़ी गई है..
Supaul : नेपाल के तराई क्षेत्रों और कोसी नदी के मुख्य जलग्रहण (कैचमेंट) इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब दिखने लगा है। इसके कारण कोसी बराज से पानी के डिस्चार्ज में लगातार तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। रविवार, 12 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे के आंकड़ों के अनुसार, कोसी बराज से छोड़ा जाने वाला कुल जलस्राव बढ़कर 1,36,200 क्यूसेक के पार पहुंच गया है। नदी का यह बढ़ता रुख तटीय इलाकों के लिए चेतावनी का संकेत है।
विभिन्न नहरों में पानी के बहाव की स्थिति
जल संसाधन विभाग वीरपुर से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम 6 बजे कोसी बराज का डाउन स्ट्रीम डिस्चार्ज (D/S Discharge) 1,33,600 क्यूसेक मापा गया। वहीं नहरों की बात करें तो ईस्ट कोसी मेन कैनाल (E.K.M.C.) में पानी का बहाव पूरी तरह से शून्य (NIL) दर्ज किया गया, जबकि वेस्ट कोसी मेन कैनाल (W.K.M.C.) में 2,600 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इन दोनों को मिलाकर बराज का कुल जलस्राव 1,36,200 क्यूसेक (राइजिंग ट्रेंड) पर पहुंच चुका है।
बराह क्षेत्र में भी बढ़ा कोसी का वेग
बराज के साथ-साथ कोसी नदी के ऊपरी हिस्से में भी पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। 12 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे नेपाल स्थित बराह क्षेत्र (B.K.S.) में कोसी नदी का बहाव 90,800 क्यूसेक दर्ज किया गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, पहाड़ों और तराई इलाकों में रुक-रुक कर हो रही वर्षा की वजह से कोसी नदी का जलस्तर आने वाले समय में और अधिक ऊपर जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
तटबंध के अंदर बसे ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
कोसी नदी के जलस्राव में अचानक आई इस तेजी के कारण नदी के मुख्य पाट, तटबंध के अंदर और नदी के किनारे बसे निचले गांवों के लोगों में बाढ़ को लेकर चिंता और बेचैनी बढ़ने लगी है। मानसून के इस मौसम में जलस्तर बढ़ने से फसलों और घरों के डूबने का खतरा मंडराने लगता है। हालांकि, जिला प्रशासन और अभियंताओं के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने जैसी कोई बात नहीं है।
चौबीसों घंटे अलर्ट पर जल संसाधन विभाग
लगातार बढ़ रहे जलस्राव को देखते हुए जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। कोसी बराज के फाटकों और मुख्य तटबंधों (इम्बैंकमेंट्स) की चौबीसों घंटे विशेष निगरानी और पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे या रिसाव को समय रहते रोका जा सके। बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग भी अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार कोसी के पल-पल बदलते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट