राजस्व वसूली को लेकर DM सख्त, लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों को दी सख्त चेतावनी
Supaul : समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आंतरिक संसाधन से जुड़े विभागों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले के विभिन्न राजस्व अर्जक विभागों द्वारा जून 2026 तक की गई राजस्व वसूली की विभागवार गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान लक्ष्य हासिल करने में सुस्ती बरतने और पीछे चल रहे विभागों के प्रति जिलाधिकारी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया और उन्हें राजस्व वसूली के काम में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।
वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 20 प्रतिशत ही वसूली
बैठक में वित्तीय आंकड़ों को साझा करते हुए बताया गया कि सुपौल जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य 72,301.84 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले जून 2026 तक केवल 14,603.35 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी है। यह आंकड़ा जून तक के निर्धारित अवधि लक्ष्य (17,983.95 लाख रुपये) का 81.20\% और कुल वार्षिक लक्ष्य का महज 20.20\% है। जिलाधिकारी ने इस अंतर को पाटने के लिए अधिकारियों को बकायेदारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया।
विभागवार आंकड़ों की समीक्षा और खनन विभाग की सुस्ती पर नाराजगी
समीक्षा के दौरान विभिन्न प्रमुख विभागों के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। वाणिज्यकर विभाग ने जून तक कुल 4,123.76 लाख रुपये, निबंधन विभाग ने 2,892.85 लाख रुपये, उत्पाद विभाग ने 1,533.26 लाख रुपये और विद्युत विभाग ने 3,331.44 लाख रुपये की राजस्व वसूली की है। वहीं, खनन विभाग द्वारा केवल 505.27 लाख रुपये की वसूली की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कुछ विभागों के प्रदर्शन को संतोषजनक माना, लेकिन खनन विभाग और कुछ स्थानीय नगर निकायों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई।
बिजली काटने से लेकर अवैध खनन पर कार्रवाई तक के कड़े निर्देश
राजस्व में बढ़ोतरी के लिए जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में उतरकर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निकायों को होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। इसके साथ ही, विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि बड़े बकायेदारों से वसूली की जाए और जरूरत पड़ने पर उनके बिजली कनेक्शन काटे जाएं। खनन विभाग को अवैध खनन और परिवहन पर नकेल कसकर राजस्व बढ़ाने तथा वाणिज्यकर विभाग को बड़े करदाताओं की नियमित निगरानी करने का आदेश दिया गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, प्रदर्शन न सुधरने पर मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि आंतरिक संसाधन ही जिले के विकास कार्यों का मुख्य आधार हैं, इसलिए इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक तक सभी विभाग अपने लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति दर्ज कराएं। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों से कारण पूछा जाएगा (शो-कॉज किया जाएगा)। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को भरोसा दिलाया कि वे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लेंगे।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट