सुपौल में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू, DM ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को दवा पिलाकर महाभियान का किया आगाज
सुपौल जिलें मे आज से पांच दिवासीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केन्द्र मेंं बच्चों को पोलियो की दो-बूंद दवा पिलाकर इस महाभियान का आगाज किया.....
Supaul : जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रविवार को पांच दिवसीय पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान (NID-2026) का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी सावन कुमार ने उर्दू मध्य विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-283 में बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर इस महाअभियान की विधिवत शुरुआत की। यह विशेष अभियान 28 जून 2026 से शुरू होकर आगामी 02 जुलाई तक पूरे जिले में सक्रिय रूप से संचालित किया जाएगा।
उद्घाटन के मौके पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहेब झा, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ममता कुमारी, और जिला कार्यक्रम प्रबंधक बाल कृष्ण चौधरी मौजूद थे। इनके अलावा उर्दू मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी सहित बीएचएम, बीसीएम, बीएएम और बीएम एंड ई ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अभियान की रूपरेखा को मजबूत किया।
कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे: जिलाधिकारी
अभियान की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने जिले के सभी अभिभावकों से बेहद जरूरी अपील की। उन्होंने कहा कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मियों को कड़े निर्देश दिए कि वे पूरी निष्ठा से काम करें और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रत्येक लक्षित बच्चे तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करें।
जिले में करीब 5 लाख बच्चों को दवा पिलाने का बड़ा लक्ष्य
इस बार स्वास्थ्य विभाग ने जिले में बड़े पैमाने पर टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के तहत कुल 4,26,948 घरों का दौरा कर 4,93,875 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का टारगेट रखा गया है। इस विशाल लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए ग्राउंड लेवल पर 976 हाउस-टू-हाउस टीम, 96 ट्रांजिट टीम, 17 मोबाइल टीम और 122 वन मैन टीम को मुस्तैद किया गया है जो लगातार पांच दिनों तक फील्ड में काम करेंगी।
सुचारू संचालन के लिए तैनात की गई भारी-भरकम टीम
इस महाअभियान की निगरानी और सुचारू संचालन के लिए विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 342 पर्यवेक्षक, 161 स्वास्थ्य संस्थान, 680 आईसीडीएस केंद्र, 1,063 आशा कार्यकर्ता तथा 675 स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अंत में स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को पोलियो की 'दो बूंद जिंदगी की' अवश्य पिलाएं और उन्हें आजीवन दिव्यांगता से सुरक्षित रखने में अपना योगदान दें।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट