भूमि विवाद का खौफनाक अंत: जिंदगी की जंग हारा 20 वर्षीय नीतीश, इलाज के दौरान मौत

सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र के धोरे कटैया वार्ड संख्या-17 में महज दो कट्ठा जमीन के टुकड़े के लिए हुआ हिंसक संघर्ष अब हत्या में तब्दील हो चुका है।बर्बर और जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है....

भूमि विवाद का खौफनाक अंत- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के सदर थाना क्षेत्र के सुखपुर सोलहनी पंचायत अंतर्गत धोरे कटैया वार्ड संख्या-17 में महज दो कट्ठा जमीन के टुकड़े के लिए हुआ हिंसक संघर्ष अब हत्या में तब्दील हो चुका है। शुक्रवार को 15-16 लोगों द्वारा किए गए बर्बर और जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल 20 वर्षीय युवक नीतीश कुमार ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है, वहीं इलाके में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है।


दाहिना हाथ काटा, सिर पर किए कई वार; DMCH में तोड़ा दम

वारदात उस वक्त हुई जब रामबहादुर यादव का पुत्र नीतीश कुमार नुनुपट्टी से साइकिल पर सवार होकर घर लौट रहा था। आरोप है कि पड़ोसी रवींद्र यादव के घर के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेरकर दबिया और कुदाल जैसे धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने इतनी क्रूरता दिखाई कि युवक का दाहिना हाथ शरीर से कटकर अलग हो गया और सिर पर कई गहरे वार किए। घायल नीतीश को पहले सुपौल सदर अस्पताल और फिर वहां से नाजुक हालत में डीएमसीएच (DMCH), दरभंगा रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


मौके पर कटा हाथ देख परिजनों में मचा कोहराम

हमलावर नीतीश को लहूलुहान हालत में मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए थे। शोर-शराबा सुनकर जब परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां का भयावह दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नीतीश खून से लथपथ पड़ा था और उसका कटा हुआ हाथ कुछ दूरी पर गिरा हुआ था। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी धमकियां दी जा रही थीं और उनके पुत्र की हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई है।


गांव में भारी तनाव, छावनी में तब्दील हुआ इलाका

युवक की मौत की खबर जैसे ही धोरे कटैया गांव पहुंची, ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल बन गया। किसी भी संभावित हिंसक प्रतिक्रिया या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गांव में पुलिस बल की निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा इस आठ साल पुराने विवाद का समय रहते निपटारा करा दिया जाता, तो आज एक मासूम युवा की जान नहीं जाती।


थानाध्यक्ष का बयान: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज

घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि भूमि विवाद में युवक पर हुए जानलेवा हमले के बाद उसकी मृत्यु हो जाने के कारण मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। परिजनों के बयान के आधार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। वारदात में शामिल सभी नामजद और अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट