सुपौल के नवाचारी शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा सम्मानित, शिक्षा जगत में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला गौरव
Supaul : 'द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर' (टीबीटी) द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), बसहा में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में राजकीयकृत बबुजन विशेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय, सुपौल के विख्यात नवाचारी शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और अभूतपूर्व योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। रविवार को आयोजित इस समारोह के दौरान पूरा बसहा संस्थान परिसर उत्साह, सम्मान और गौरव के अनूठे माहौल से सराबोर नजर आया।
डीएम और डीईओ ने संयुक्त रूप से अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर बढ़ाया मान
समारोह के दौरान मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी (DM) सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संग्राम सिंह और डायट के प्राचार्य अखलाक खां ने संयुक्त रूप से डॉ. रणधीर कुमार राणा को अंग वस्त्र, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न (मोमेंटो) और एक पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस जिला स्तरीय समारोह में डॉ. राणा के अलावा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कुल 106 अन्य नवाचारी शिक्षकों को भी उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और रचनात्मक प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य समारोह का आगाज
इससे पूर्व कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, डायट प्राचार्य अखलाक खां, व्याख्याता सुमित कुमार, निरंजन कुमार, सुषमा श्रेष्ठा, आफताब आलम, मदन कुमार तथा सम्मानित होने वाले शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीपों की रोशनी और सादगी भरे माहौल के बीच जिले की शिक्षा व्यवस्था में नए नवाचार, गुणात्मक सुधार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के एक नए सामूहिक संकल्प की शुरुआत की गई।
नवाचार आधारित शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी मांग: डीएम सावन कुमार
समारोह में उपस्थित गुरुजनों को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को किताबी ज्ञान या शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि वे पूरे समाज को एक नई और सही दिशा देने का महती कार्य करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के आधुनिक दौर में नवाचार (Innovation) आधारित शिक्षा समय की सबसे बड़ी मांग बन चुकी है। ऐसे शिक्षक जो अपनी नई सोच और अथक प्रयासों से सरकारी विद्यालयों के परिवेश में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं, वे वास्तव में पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
सीमित संसाधनों में शिक्षकों का समर्पण सराहनीय, बधाई देने वालों का लगा तांता
वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह और डायट प्राचार्य अखलाक खां ने कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद जिस समर्पण और रचनात्मकता के साथ बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। जिलाधिकारी के हाथों सम्मानित होने के बाद डॉ. रणधीर कुमार राणा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान जिले के सभी शिक्षकों में एक नई ऊर्जा और कर्तव्यबोध भरने का कार्य करेगा। डॉ. राणा की इस बड़ी उपलब्धि पर डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. आर के यादव, डीपीओ प्रवीण कुमार, आलोक शेखर आनंद, रामदेव प्रसाद और अमीर प्रसाद यादव सहित कई शिक्षाविदों व गणमान्य लोगों ने उन्हें अपनी हार्दिक बधाई दी है।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट