ललितग्राम-वीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को मिली रफ्तार : सर्वेक्षण कार्य जारी, कोसी-सीमांचल में जगी विकास की नई उम्मीद

वीरपुर को रेल सेवा से जोड़ने की मांग को लेकर क्षेत्र में एक लंबा जन-आंदोलन चला है। जिसका अब असर दिख रहा है। बहुप्रतीक्षित ललितग्राम-वीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को लेकर धरातल पर काम तेज हो गया है....

ललितग्राम-वीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को मिली रफ्तार- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी और सीमांचल क्षेत्र की दशकों पुरानी और बहुप्रतीक्षित ललितग्राम-वीरपुर नई रेल लाइन परियोजना को लेकर धरातल पर सकारात्मक प्रगति देखने को मिल रही है। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र को जोड़ने वाली इस करीब 14 से 15 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण (सर्वे) का कार्य इन दिनों तेजी से जारी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के प्रारंभिक कार्यों को गति देने के लिए रेल मंत्रालय की ओर से आवश्यक बजटीय राशि भी आवंटित कर दी गई है, जिससे वर्षों से रेल संपर्क की आस लगाए बैठे स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है।


सर्वेक्षण के बाद कैबिनेट से मिलेगी मंजूरी: सांसद

क्षेत्रीय सांसद दिलेश्वर कामैत ने परियोजना की प्रगति की पुष्टि करते हुए बताया कि सर्वेक्षण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद इसकी विस्तृत रिपोर्ट (DPR) केंद्र सरकार को सौंप दी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर रेल मंत्रालय और केंद्रीय कैबिनेट स्तर से अंतिम प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सांसद ने कहा कि इस सीमावर्ती रेल परियोजना को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल कराने के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और इस दिशा में कदम आगे बढ़ रहे हैं।


रेल मंत्री ने दिया भरोसा, 3 साल में दिखेगी ठोस प्रगति

सांसद ने आगे जानकारी दी कि इस संबंध में उनकी रेल मंत्री से भी उच्च स्तरीय बातचीत हुई है। रेल मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सर्वे रिपोर्ट आते ही सीमावर्ती इलाकों में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे। योजना की समयसीमा को लेकर सांसद ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि वर्तमान कार्यकाल के शेष लगभग तीन वर्षों के भीतर इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारकर निर्माण कार्य को एक ठोस दिशा दे दी जाए।


सर्वदलीय संघर्ष समिति के आंदोलनों का दिखा असर

गौरतलब है कि वीरपुर को रेल सेवा से जोड़ने की मांग को लेकर क्षेत्र में एक लंबा जन-आंदोलन चला है। स्थानीय नागरिकों और सर्वदलीय संघर्ष समिति के बैनर तले इस मांग को लेकर समय-समय पर धरना-प्रदर्शन, पदयात्रा, साइकिल मार्च, क्रमिक अनशन और व्यापक जनजागरण अभियान चलाए गए थे। लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार रेलवे द्वारा सर्वेक्षण शुरू किए जाने और फंड जारी होने से आंदोलनकारियों और आम जनता को यह भरोसा हुआ है कि उनका वर्षों पुराना सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलने वाला है।


व्यापार, पर्यटन और सामरिक दृष्टिकोण से अहम

विशेषज्ञों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस नई रेल लाइन के निर्माण से वीरपुर सीधे देश के रेल मानचित्र से जुड़ जाएगा, जिससे नेपाल सीमा तक आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। यह कनेक्टिविटी न केवल सीमांचल के व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाइयां देगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के रास्ते भी खोलेगी। सामरिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टिकोण से इस परियोजना को कोसी क्षेत्र के समग्र विकास का नया मील का पत्थर माना जा रहा है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट