सुपौल की बड़ी उपलब्धि: लोक शिकायत निवारण में राज्य भर में अव्वल, जून 2026 की रैंकिंग में मिला पहला स्थान

सुपौल जिले ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर ऐतिहासिक व उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जून 2026 के लिए जारी की गई आधिकारिक राज्य स्तरीय रैंकिंग में 89.61 अंक हासिल कर प्रथम प्राप्त किया है...

सुपौल की बड़ी उपलब्धि- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन में सुपौल जिले ने राज्य स्तर पर ऐतिहासिक व उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जून 2026 के लिए जारी की गई आधिकारिक राज्य स्तरीय रैंकिंग में सुपौल ने कुल 89.61 अंक हासिल कर शीर्ष (प्रथम) स्थान प्राप्त किया है। जिला प्रशासन के इस शानदार प्रदर्शन से पूरे सुपौल जिले का नाम गौरवान्वित हुआ है और यह सूबे के अन्य जिलों के लिए एक मिसाल बनकर उभरा है।


कार्य निष्पादन और कड़े मापदंडों के आधार पर मिली रैंकिंग

इस बड़ी प्रशासनिक सफलता के संबंध में जानकारी देते हुए अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि बिहार सरकार द्वारा यह रैंकिंग बेहद कड़े मापदंडों और जिलों के वास्तविक कार्य निष्पादन के आधार पर तय की जाती है। आम जनता की शिकायतों को सुनने और उनका कानूनी दायरे में समाधान करने के मामले में सुपौल जिला प्रशासन ने हर मोर्चे पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके कारण इसे बिहार में पहला स्थान मिला।


98 प्रतिशत से अधिक परिवादों का समय-सीमा के भीतर हुआ निपटारा

जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने अंकों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि जिले में तय समय-सीमा के अंदर रिकॉर्ड 98.76 प्रतिशत परिवादों (शिकायतों) का सफल निष्पादन किया गया, जिसके लिए सुपौल को 9.88 अंक मिले। इसके साथ ही समीक्षाधीन महीने (जून) में निर्धारित समय के भीतर 100 प्रतिशत मामलों के अंतिम निवारण पर जिले को पूरे 30 अंक प्राप्त हुए। वहीं, सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के लोक प्राधिकारों (अधिकारियों) की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के मामले में भी सुपौल ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।


अपील निष्पादन और प्रशासनिक बैठकों में भी रहा बेहतरीन प्रदर्शन

सुपौल ने न सिर्फ प्राथमिक शिकायतों बल्कि उच्च स्तर की अपीलों के निपटारे में भी अपनी कार्यकुशलता साबित की है। प्रथम अपील के नियत समय में निष्पादन को लेकर जिले को 98.95 अंक तथा द्वितीय अपील के मामलों के समयबद्ध निष्पादन में 98.43 अंक मिले। इसके अलावा, लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर शस्ति (जुर्माना) अधिरोपण एवं अनुशासनिक कार्रवाई के लिए 10 अंक और जिला स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा बैठक की कार्यवाही को ऑनलाइन अपलोड करने के लिए पूरे 5 अंक प्राप्त हुए।


जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता

इन तमाम अलग-अलग प्रशासनिक श्रेणियों में प्राप्त अंकों को मिलाकर ही सुपौल जिले ने जून 2026 की राज्य स्तरीय तालिका में पहला स्थान अपने नाम किया। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लोक शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान की दिशा में जिला प्रशासन की निरंतर प्रतिबद्धता और सामूहिक टीम वर्क का प्रतिफल बताया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी आम जनता की समस्याओं के निवारण के लिए यह तत्परता जारी रहेगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट