सुपौल पुलिस का बड़ा एक्शन, चोरी की बाइक और मोबाइल के साथ तीन शातिर को किया गिरफ्तार
सुपौल जिले में वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा अभियान में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है....
Supaul : जिले में वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में सुपौल पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर थाना परिसर में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) राजीव रंजन ने इस मामले का विधिवत खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एक गुप्त सूचना पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए चोरी की एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन के साथ तीन शातिर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है।
नुनुपट्टी वार्ड संख्या-01 में छापेमारी कर दबोचे गए तीनों आरोपी
डीएसपी राजीव रंजन ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 16 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2:50 बजे पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया कि सुपौल थाना कांड संख्या-103/26 के तहत चोरी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध युवक नुनुपट्टी वार्ड संख्या-01 में किसी गुप्त ठिकाने पर मौजूद हैं। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए एक विशेष टीम का गठन किया और चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर तीनों आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया।
तीनों गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान, अलग-अलग गांवों के हैं निवासी
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों की पहचान सुपौल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासियों के रूप में की गई है। इनमें पहला आरोपी मो. एकरामुल (पिता गोबिनुल हक) नुनुपट्टी वार्ड संख्या-01 का रहने वाला है। दूसरा आरोपी सुमित कुमार (पिता शिवनारायण यादव) सुखपुर वार्ड संख्या-02 का निवासी है, जबकि तीसरा आरोपी पपलेश कुमार उर्फ कुणाल कुमार (पिता भगवान प्रसाद यादव) कटैया वार्ड संख्या-10 का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बरामद सामान की हुई पुष्टि, संगठित गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से जो मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया है, उसकी कड़ाई से जांच की गई। इंजन और चेसिस नंबर के मिलान के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बरामद सामान संबंधित चोरी के कांड (थाना कांड संख्या-103/26) से ही जुड़ा हुआ है। डीएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके तार राज्य या जिले के किसी बड़े और संगठित वाहन चोर गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
अन्य चोरी की वारदातों में संलिप्तता की आशंका, अभियान रहेगा जारी
डीएसपी राजीव रंजन ने कहा कि पुलिस टीम इस बात की भी गंभीरता से जांच कर रही है कि जिले में हाल के दिनों में हुई अन्य वाहन एवं मोबाइल चोरी की घटनाओं में इन तीनों की क्या भूमिका रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों और चोरों के खिलाफ पुलिस का यह सख्त रवैया और विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट