सुपौल नगर परिषद की बड़ी पहल: 'युवा नशा मुक्ति उन्मुखी कार्यक्रम' का सफल आयोजन, जिले के तीन गौरव सम्मानित

'युवा नशा मुक्ति उन्मुखी कार्यक्रम' का आयोजन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : सुपौल नगर परिषद के तत्वावधान में गुरुवार को स्थानीय नगर भवन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक “युवा नशा मुक्ति उन्मुखी कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को बढ़ते नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना, उन्हें जागरूक बनाना और जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करना था। इस गरिमामयी अवसर पर सुपौल की मिट्टी से जुड़े और वैश्विक स्तर पर जिले का नाम रोशन करने वाले तीन गौरवशाली व्यक्तित्वों को एक साथ मंच पर सम्मानित किया गया, जो संयोगवश इन दिनों अपने गृह जिला सुपौल में मौजूद थे।


साहित्य, चिकित्सा और सुरक्षा क्षेत्र की तीन महान हस्तियों का हुआ जुटान

नगर परिषद द्वारा जिन तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया, उनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित मैथिली पुस्तक “धात्री के पात” के लेखक व प्रख्यात साहित्यकार डॉ. महेंद्र झा, लंदन (यूके) में विश्वस्तरीय चिकित्सक के रूप में अपनी अमिट पहचान बना चुके डॉ. विभाष चंद्र मिश्र तथा सीआईएसएफ (CISF) हैदराबाद के वर्तमान डीआईजी शिव कुमार मोहनका शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान एक और बड़ी उपलब्धि तब जुड़ी, जब सीआईएसएफ के डीआईजी शिव कुमार मोहनका द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तक “Above and Beyond” का उपस्थित अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया, जिसकी सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।


डीआईजी ने दिए करियर के टिप्स, तो लंदन के डॉक्टर ने सूखे नशे पर जताई चिंता

कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए डीआईजी शिव कुमार मोहनका ने सिविल एविएशन (नागरिक उड्डयन) के क्षेत्र की बारीकियों को साझा किया और इसमें रोजगार की असीम संभावनाओं से बच्चों को अवगत कराया। वहीं, लंदन से आए डॉ. विभाष चंद्र मिश्र ने युवाओं में तेजी से बढ़ रहे 'सूखे नशे' (सिंथेटिक ड्रग्स) के घातक प्रचलन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा कि यदि हम मिलकर एक भी बच्चे को नशे की इस दलदल से बाहर निकालने में सफल होते हैं, तो हमारा जीवन सार्थक माना जाएगा।


साहित्यकार ने बयां किया मिट्टी का कर्ज, मुख्य पार्षद ने युवाओं को बताया देश की ताकत

सम्मानित होने के बाद साहित्यकार डॉ. महेंद्र झा ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कृति “धात्री के पात” में सुपौल की मिट्टी, यहाँ की समृद्ध संस्कृति और लोक संवेदनाओं को प्रमुखता से पिरोया गया है, और इसी जमीनी जुड़ाव के कारण उन्हें यह राष्ट्रीय सम्मान मिला है। अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने कहा कि युवा हमारे देश और समाज की सबसे बड़ी रीढ़ हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। यदि युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक वातावरण मिले, तो वे दुनिया बदल सकते हैं। आने वाली पीढ़ी को नशामुक्त बनाना हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।


प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मान, राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य लोग गवाह बने, जिनमें अधिवक्ता नागेन्द्र नारायण ठाकुर, डॉ. विजय शंकर चौधरी, मो. जमाल उद्दीन, मिन्नत रहमानी, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, युगल किशोर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, डॉ. कन्हैया सिंह, वार्ड पार्षद गगन ठाकुर, मनीष कुमार सिंह और सुनील सिंह मुख्य रूप से शामिल रहे। नगर परिषद प्रशासन की ओर से इन तीनों विभूतियों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शानदार समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ और अंत में मुख्य पार्षद राघवेंद्र झा ने सभी आगत अतिथियों और छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट