सुपौल में बड़ा हादसा टला: शुभ लक्ष्मी मिठाई दुकान के ऊपरी हिस्से में लगी आग, फायर ब्रिगेड के न पहुंचने पर भड़के लोग

सुपौल में बड़ा हादसा टला:- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिला मुख्यालय स्थित व्यस्त हटखोला रोड पर गुरुवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया, जब इलाके की प्रसिद्ध 'शुभ लक्ष्मी मिठाई दुकान' के ऊपरी हिस्से से आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार निकलने लगा। मुख्य बाजार क्षेत्र होने के कारण देखते ही देखते आसपास के दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। आस-पड़ोस के लोगों को यह आशंका सताने लगी कि यदि आग की लपटों पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया, तो यह घनी आबादी और सटकर बनी अन्य दुकानों व मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती है।


स्थानीय नागरिकों और दुकान कर्मियों की सूझबूझ से टला बड़ा नुकसान

घटना के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विकराल होती स्थिति के बीच स्थानीय नागरिकों और दुकान में मौजूद कर्मचारियों ने गजब के साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। बिना घबराए सभी ने सामूहिक प्रयास शुरू किए और दुकान संचालकों के साथ मिलकर बाल्टी, पानी के पाइप तथा मौके पर उपलब्ध अन्य संसाधनों की मदद से आग पर पानी डालना शुरू किया। स्थानीय लोगों की इसी तत्परता और कड़ी मशक्कत के कारण आग को दुकान के निचले या अन्य हिस्सों में फैलने से रोक दिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा आर्थिक और जानमाल का नुकसान होने से बच गया।


लाखों का सामान जलकर खाक, नुकसान के वास्तविक आकलन में जुटा प्रशासन

हालांकि समय रहते स्थानीय स्तर पर आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन दुकान के ऊपरी हिस्से (गोदाम/कमरे) में रखे कई महत्वपूर्ण सामान और सामग्रियां आग की भेंट चढ़ गईं। आगजनी की इस घटना में ऊपरी हिस्से को आंशिक नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। दुकान प्रबंधन द्वारा आग से हुए इस नुकसान का वास्तविक और सटीक वित्तीय आकलन किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट बाद में सामने आ सकेगी।


आग बुझने तक नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड, व्यापारियों में भारी नाराजगी

इस पूरी दुर्घटना के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही और चर्चा का विषय अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की कार्यप्रणाली रही। स्थानीय दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जिला मुख्यालय में ही आग लगने की त्वरित सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की एक भी गाड़ी मौके पर नजर नहीं आई। लोगों का कहना था कि हटखोला रोड जैसे व्यस्त और संकीर्ण बाजार क्षेत्र में यदि आग जरा भी विकराल रूप ले लेती, तो आम जनता के यह प्रयास नाकाफी साबित होते और पूरा बाजार जलकर खाक हो सकता था।


शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, जांच और पुख्ता सुरक्षा की मांग

शुरुआती इनपुट और स्थानीय लोगों की आशंका के मुताबिक, आग लगने की मुख्य वजह बिजली के बोर्ड में हुआ शॉर्ट सर्किट या कोई अन्य तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों का पता संबंधित आधिकारिक विभाग की जांच के बाद ही चल सकेगा। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने जिला प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, साथ ही व्यस्त बाजार क्षेत्रों में आपातकालीन अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी और समयबद्ध बनाने की पुरजोर वकालत की है।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट