रौशन पंडित हत्याकांड पर उबाल: कलेक्ट्रेट तक उमड़ा जनसैलाब, गिरफ्तारी की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में हुए बहुचर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। इस हत्या को लेकर आज सैकड़ो लोग सड़क पर उतर आए और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की....
Supaul : जिले के त्रिवेणीगंज में हुए बहुचर्चित रौशन पंडित हत्याकांड को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय में भारी जन-आक्रोश देखने को मिला। कुम्हार समाज के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया गया। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा असंतोष है।
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ सुपौल शहर
प्रदर्शन की पूर्व सूचना और जिले में मंत्रियों के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए जिला प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड पर था। सुपौल शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, लोहिया नगर चौक और कलेक्ट्रेट मार्ग पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिस बल और दंडाधिकारियों को बुलाकर तैनात किया गया था, जिससे पूरा कलेक्ट्रेट इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।
पुलिस-प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की, कलेक्ट्रेट के बाहर धरना
दोपहर करीब एक बजे व्यापार संघ भवन के पास बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग हाथों में तख्तियां लेकर इकट्ठा हुए और जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। जैसे ही जुलूस लोहिया नगर चौक पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार तक पहुंच गए और वहीं सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे तक थमा रहा कलेक्ट्रेट मार्ग का यातायात
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी लगातार रौशन पंडित के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इस प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट के सामने वाले मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान कई सामाजिक प्रतिनिधियों ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।
डीएम-एसपी के ठोस आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने रौशन पंडित की पत्नी और दोनों बेटों समेत परिवार के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलने की अनुमति दी। मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की बातों को बेहद गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच चल रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस ठोस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराया और करीब डेढ़ घंटे बाद धरना शांतिपूर्वक समाप्त हुआ।