सुपौल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार: पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई, दो अन्य की गिरफ्तारी को छापेमारी

सुपौल जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किए जाने का मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है

सुपौल में नाबालिग से दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने त्वरित गति से कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आवश्यक कागजी प्रक्रिया और पूछताछ पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।


रतौली पंचायत के जरोली गांव की घटना

मिली जानकारी के अनुसार, यह शर्मनाक वारदात पिपरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रतौली पंचायत के जरोली वार्ड संख्या-15 गांव की है। यहां की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को अकेला पाकर जबरदस्ती उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़िता के परिवार द्वारा पिपरा थाने में मामले को लेकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया।


तीन लोगों पर दर्ज हुई नामजद प्राथमिकी

मामले की पुष्टि करते हुए पिपरा थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष से मिले आवेदन के आधार पर थाने में कांड दर्ज करते हुए कुल तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद मुख्य आरोपी प्रकाश कुमार को उसके ठिकाने से दबोच लिया। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि इस कुकृत्य में उसका सहयोग करने वाले अन्य दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।


कोर्ट में दर्ज कराया जा रहा पीड़िता का बयान

थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही, महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़िता से आवश्यक पूछताछ की गई है और कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में उसका धारा 164 के अंतर्गत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस घटना से जुड़े वैज्ञानिक और चश्मदीद साक्ष्य जुटाने में लगी है ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर मामले की स्पीडी ट्रायल कराई जा सके।


स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश, कड़ी सजा की मांग

इस घटना के बाद से ही रतौली पंचायत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के विभिन्न प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस घिनौने कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग की है कि इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फरार चल रहे अन्य दोनों सह-आरोपियों को भी अविलंब गिरफ्तार किया जाए और सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट