डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा: सुपौल टाउन हॉल और बीरपुर की प्रमुख सड़क व चौक का नामकरण

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा:- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के वीरपुर में भारत के महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती सोमवार को बेहद श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय माहौल में मनाई गई। इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न दलों के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लेकर डॉ. मुखर्जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के विचारों और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए उनके द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया।


वरिष्ठ नेताओं का हुआ जुटान: विजय खेमका और अरविंद शर्मा रहे मुख्य अतिथि

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्णिया के विधायक विजय खेमका तथा विधान पार्षद (MLC) अरविंद शर्मा उपस्थित रहे, जिनका आयोजन समिति द्वारा पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक नीरज कुमार सिंह 'बबलू' ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वहीं पूर्व सांसद विश्व मोहन कुमार ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के आदर्श आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं। इस मौके पर सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा और वीरपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सुशील शाह को उनके उत्कृष्ट निर्णयों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


ऐतिहासिक घोषणाएं: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होंगे टाउन हॉल, मुख्य सड़क और चौक

इस जयंती समारोह का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आकर्षण स्थानीय निकायों द्वारा की गई ऐतिहासिक घोषणाएं रहीं:

  • सुपौल टाउन हॉल का नामकरण: सुपौल नगर परिषद के चेयरमैन राघवेंद्र झा ने आधिकारिक घोषणा की कि सुपौल के प्रसिद्ध टाउन हॉल का नाम अब बदलकर "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हॉल" किया जाएगा।
  • बीरपुर की मुख्य सड़क और चौक: वीरपुर नगर पंचायत के मुख्य पार्षद सुशील शाह ने घोषणा की कि वीरपुर की मुख्य सड़क का नाम अब "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड" और स्थानीय हटिया चौक का नाम बदलकर "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक" रखा जाएगा। इन घोषणाओं का वहां मौजूद जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।


आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत: सार्वजनिक स्थलों का नामकरण स्वागत योग्य

मुख्य अतिथि विजय खेमका और विधान पार्षद अरविंद शर्मा ने इन घोषणाओं की सराहना करते हुए कहा कि किसी महान विभूति के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को उनके ऐतिहासिक आदर्शों और त्याग से परिचित कराने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन त्याग, अटूट राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प का अद्भुत उदाहरण है।


राष्ट्रगान के साथ समापन: देश सेवा का लिया गया संकल्प

समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने डॉ. मुखर्जी के बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और चौमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस पूरे गरिमामय आयोजन में जिला अध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव, दिलीप सिंह सहित क्षेत्र के कई नामचीन कार्यकर्ता, पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से मौजूद रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट