Bihar Bandh: छात्रों की गिरफ्तारी पर सियासी संग्राम, तेजस्वी की चेतावनी, विद्यार्थियों पर पुलिस के AK-47 से गोली चलाने के मामले ने पकड़ा तूल, संसद तक गूंजा मामला
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिए गए छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
Bihar Bandh: बिहार बंद के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद पटना समेत कई इलाकों में छात्रों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत गरमा गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिए गए छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में छात्रों पर हो रही कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद भी हजारों छात्रों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। तेजस्वी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो इसका राजनीतिक और जनआंदोलन स्तर पर सरकार को भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
तेजस्वी ने सोशल मीडिया के फेसबुक पर लिखा है कि 7 हत्याओं का आरोपी बिहार का मुख्यमंत्री सड़क छाप अपराधी है जिसने तमाम लोकतांत्रिक परंपराओं को त्याग देश में पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों पर AK-47 से गोली चलवाई है।
छात्रों से समझौते के बाद भी बिहार में हज़ारों छात्रों पर फर्जी केस दर्ज कर हिरासत में लिया जा रहा है, परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो NDA सरकार को महंगा पड़ेगा।
वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बिहार और पश्चिम बंगाल में अब भी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस जानकारी का स्वतंत्र सत्यापन अभी होना बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि समझौते की बात हो चुकी है तो फिर इस तरह की कार्रवाई का औचित्य क्या है।
संसद के मकर द्वार पर प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उधर पुलिस का कहना है कि बिहार बंद के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य आरोपों के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की गई है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों एवं कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
रिपोर्ट- रंजन कुमार सिंह