नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग ने कसी कमर, अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ
'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत वीरपुर स्थित जल संसाधन विभाग के कौशिकी भवन सभागार में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का दृढ़ संकल्प लिया...
Supaul : देश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्तर के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत बुधवार को वीरपुर स्थित जल संसाधन विभाग के कौशिकी भवन सभागार में एक भव्य शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निःसरण के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने की, जिनकी देखरेख में इस सामाजिक पहल को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई।
अधीक्षण अभियंता ने दिलाई शपथ, उमड़ा महकमा
इस विशेष अवसर पर विभाग के अधीक्षण अभियंता संजय कुमार ने कौशिकी भवन परिसर और इसके अंतर्गत आने वाले विभिन्न डिवीजनों के सभी कार्यपालक अभियंताओं, अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), कनीय अभियंताओं (JE) तथा गैर-तकनीकी कर्मचारियों को नशा मुक्ति की आधिकारिक शपथ दिलाई। कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग के वीरपुर संभाग से जुड़े तमाम छोटे-बड़े स्तर के कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा कौशिकी भवन सभागार खचाखच भरा नजर आया।
स्वयं से शुरुआत कर समाज बदलने का संकल्प
सामूहिक शपथ के दौरान अधिकारियों एवं कर्मियों ने हाथ आगे बढ़ाकर यह प्रतिज्ञा ली कि वे न केवल स्वयं हर प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार, सगे-संबंधियों, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति लगातार जागरूक करेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी बड़े सामाजिक बदलाव की शुरुआत व्यक्ति को हमेशा स्वयं से करनी होती है। एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए नशा मुक्त जीवनशैली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
जनजागरूकता को बताया सबसे बड़ा हथियार
कार्यक्रम के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' को धरातल पर पूरी तरह सफल बनाने का पुरज़ोर आह्वान किया गया। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में समाज के भीतर, विशेषकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण पाना बेहद जरूरी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर और सामाजिक स्तर पर जनजागरूकता ही सबसे सशक्त और कारगर माध्यम है। आम लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक दुष्परिणामों के प्रति सचेत करके ही इस सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
सामूहिक भागीदारी से मजबूत होगा अभियान
इस गरिमामयी शपथ ग्रहण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी महकमे के भीतर नशे के खिलाफ शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की भावना पैदा करना और स्वस्थ समाज के निर्माण में प्रशासनिक अधिकारियों की सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि कौशिकी भवन से उठी यह आवाज पूरे जिले और राज्य में नशा विरोधी माहौल तैयार करने में मददगार साबित होगी। इस दौरान विभिन्न संभागों के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ, जूनियर इंजीनियर सहित सैकड़ों की संख्या में विभागीय कर्मचारी उपस्थित थे।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट