Bihar Flood:बाढ़ का पानी बना बच्चों का स्विमिंग पूल, गदाई सराय में खतरे से बेखबर मासूमों की मस्ती

Bihar Flood: एक ओर बाढ़ का पानी लोगों के लिए मुसीबत और परेशानी का सबब बना हुआ है, वहीं हाजीपुर के ग्रामीण इलाके में बच्चों ने इसी बाढ़ के पानी को मानो अपना ‘स्विमिंग पूल’ बना लिया है।

गदाई सराय में बच्चों की मस्ती- फोटो : reporter

Bihar Flood:गंगा और गंडक नदी में उफान के बाद वैशाली जिले के कई इलाके बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे हैं। जहां एक ओर बाढ़ का पानी लोगों के लिए मुसीबत और परेशानी का सबब बना हुआ है, वहीं हाजीपुर के ग्रामीण इलाके में बच्चों ने इसी बाढ़ के पानी को मानो अपना ‘स्विमिंग पूल’ बना लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें लोगों का ध्यान खींच रही हैं।मामला हाजीपुर के गदाई सराय पंचायत का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक गंडक नदी पर बना रिंग बांध टूटने के बाद गांव में तेज रफ्तार से पानी दाखिल होने लगा। देखते ही देखते हजारों की आबादी वाला इलाका जलमग्न हो गया। घरों और सड़कों के आसपास पानी ही पानी नजर आने लगा। बाढ़ की इस भयावह स्थिति के बीच गांव के कुछ बच्चे पानी में उतरकर नहाने और तैरने लगे।

तस्वीरों में बच्चों को बाढ़ के पानी में बेफिक्र होकर मस्ती करते देखा जा सकता है। जिस पानी को देखकर बड़े लोग चिंतित हैं, वही पानी बच्चों के लिए कुछ देर के मनोरंजन का जरिया बन गया। ग्रामीण इलाकों में स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं भले ही आम तौर पर उपलब्ध नहीं होतीं, लेकिन बच्चों ने बाढ़ के पानी को ही अपना ‘स्विमिंग पूल’ बना लिया।

हालांकि बच्चों की यह मस्ती देखने में भले ही दिलचस्प लगे, लेकिन इसके पीछे बड़ा खतरा भी छिपा हुआ है। बाढ़ का पानी बेहद जोखिम भरा हो सकता है। तेज बहाव के अलावा पानी के भीतर गड्ढे, टूटे हुए रास्ते, नुकीली वस्तुएं और जहरीले जीव-जंतु मौजूद होने की आशंका रहती है। ऐसे में बच्चों का इस तरह पानी में उतरना किसी गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बार बच्चे खतरे का अंदाजा लगाए बिना बाढ़ के पानी में चले जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों और ग्रामीणों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे बच्चों को पानी से दूर रखें। साथ ही प्रशासन को भी जलमग्न इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।

फिलहाल गदाई सराय के बच्चों की बाढ़ में मस्ती की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। तस्वीरें जहां लोगों को हैरान कर रही हैं, वहीं यह सवाल भी खड़ा कर रही हैं कि बाढ़ के पानी को मनोरंजन समझने वाले इन मासूमों को खतरे से बचाने के लिए प्रशासन कब सख्त कदम उठाएगा।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार