Bihar Road Accident: सराय टोल प्लाजा पर खड़ा कंटेनर बना क़ातिल, डॉक्टर दंपति की दर्दनाक मौत से सहमा बिहार

Bihar Road Accident:कोहरे की मोटी चादर में लिपटा हाईवे उस वक्त मौत का गलियारा बन गया, जब उनकी तेज रफ्तार कार एक खड़े कंटेनर से जा भिड़ी।

सराय टोल प्लाजा पर खड़ा कंटेनर बना क़ातिल- फोटो : reporter

Bihar Road Accident: वैशाली की सड़क पर शनिवार तड़के वह मंजर सामने आया, जिसने सन्नाटे को मातम में बदल दिया। सराय थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास एक खौफनाक सड़क हादसे में डॉक्टर दंपति की मौके पर ही मौत हो गई। कोहरे की मोटी चादर में लिपटा हाईवे उस वक्त मौत का गलियारा बन गया, जब उनकी तेज रफ्तार कार एक खड़े कंटेनर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार लोहे के ढांचे में तब्दील हो गई।

मृतकों की पहचान अररिया सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर जितेंद्र प्रसाद (50) और उनकी पत्नी (45) के रूप में हुई है। दोनों पटना के रहने वाले थे और अररिया से अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सफर के आख़िरी पड़ाव में कोहरे ने उनकी जिंदगी की डोर छीन ली।

सराय थाना अध्यक्ष मणि भूषण कुमार के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 4:15 बजे मुजफ्फरपुर–पटना लेन पर हुआ। घना कोहरा इतना था कि दृश्यता लगभग शून्य हो चुकी थी। इसी दौरान सड़क के बाईं ओर खड़े एक कंटेनर में कार पीछे से जा टकराई। टक्कर के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं क्या कंटेनर सही जगह पर खड़ा था? क्या सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं?

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम फौरन मौके पर पहुंची। कार में फंसे डॉक्टर दंपति और चालक को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया और हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा गया। लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दंपति को मृत घोषित कर दिया। कार में मौजूद तीसरा शख्स, चालक, गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है। हैरत की बात यह रही कि कार में मौजूद एक पालतू कुत्ता इस खूनी हादसे में सुरक्षित बच गया।

हादसे की खबर जैसे ही फैली, परिजनों में कोहराम मच गया। पटना से परिजन हाजीपुर सदर अस्पताल के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं पुलिस फरार कंटेनर चालक की तलाश में जुट गई है और यह जांच की जा रही है कि कंटेनर किस हालात में सड़क पर खड़ा था।

अपराध की जुबान में कहें तो यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का संगीन जुर्म है। कोहरे की आड़ में हुई यह मौतें सिस्टम पर बड़ा सवाल छोड़ गई हैं क्या हाईवे पर खड़े मौत के जाल यूं ही बिछते रहेंगे, या किसी दिन जिम्मेदारी भी टकराएगी?