बाढ़ के पानी में फैला करंट, मवेशी लाने गए 25 वर्षीय युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत
वैशाली जिले में बिजली विभाग की लापरवाही से एक 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। युवक अपने मवेशी को लाने के लिए बाढ़ की पानी से गुजर रहा था, इसी दौरान पानी मे बिजली का करंट दौड़ गया जिसकी चपेट में आने से युवक की मौत हो गई....
Vaishali : जिले के चांदपुरा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां बाढ़ के पानी में फैला बिजली का करंट एक युवक की मौत का कारण बन गया। आजमपुर पंचायत के खड़गपुर में बाढ़ के पानी से गुजरते समय 25 वर्षीय गुलशन ठाकुर करंट की चपेट में आ गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर है।
मवेशी लाने गए गुलशन को पानी में लगा करंट, अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित
मृतक गुलशन ठाकुर (पिता रामबाबू ठाकुर) अपने मवेशी को सुरक्षित स्थान पर लाने के लिए बाढ़ के पानी के बीच से गुजर रहा था। इसी दौरान बिजली के पोल के समीप पानी में प्रवाहित हो रहे उच्च शक्ति वाले करंट की चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया। परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महनार ले गए, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बिजली विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल
घटना के बाद मृतक के पिता रामबाबू ठाकुर और ग्रामीणों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही पर कड़ा विरोध जताया है। परिजनों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली के तार पानी के संपर्क में आने का खतरा हमेशा बना रहता है, लेकिन विभाग ने समय रहते लाइन बंद करने या सुरक्षा मानकों की जांच करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस बेफिक्री ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अदृश्य मौत बना बिजली का करंट, लोगों में भारी गुस्सा
गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण इलाके में पहले से ही बाढ़ का संकट बना हुआ है। ऐसे समय में पानी में बिजली आपूर्ति जारी रहने और उसकी उचित निगरानी न होने से लोगों का गुस्सा चरम पर है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में चलना पहले ही जोखिम भरा है, और अब बिजली का अदृश्य करंट लोगों के जीवन के लिए सीधा खतरा बन चुका है।
घटना की जांच और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग
इस दुखद हादसे ने बाढ़ प्रबंधन और प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही, बाढ़ प्रभावित सभी क्षेत्रों में बिजली के खंभों व तारों की तत्काल जांच करवाकर खतरनाक स्थानों पर आपूर्ति सुरक्षित की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
रिषभ की रिपोर्ट