कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु का उद्घाटन टला: पीएम मोदी के दौरे की तैयारियां थमीं, राघोपुर में पंडाल व पांच हेलीपैड हटाने का काम शुरू

कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु के उद्घाटन कार्यक्रम पर अचनाक ब्रेक लग गया है।संभावना जताई जा रही थी कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में पीएम मोदी राघोपुर पहुंचकर इस पुल का उद्घाटन करेंगे, लेकिन पिछले दो दिनों से कार्यक्रम स्थल से बांस-बल्ली हटाई जा

कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु का उद्घाटन टला- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : पिछले करीब 15 दिनों से जोरों पर चल रही तैयारियों के बीच अचानक कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन महासेतु के उद्घाटन कार्यक्रम पर ब्रेक लग गया है। संभावना जताई जा रही थी कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राघोपुर पहुंचकर इस पुल का उद्घाटन करेंगे, लेकिन पिछले दो दिनों से कार्यक्रम स्थल से बांस-बल्ली हटाई जा रही है और लगाए गए कुर्सी, सोफा, कूलर आदि सामान वापस भेजे जा रहे हैं। इससे राघोपुर प्रखंड के लोगों और एनडीए कार्यकर्ताओं में काफी मायूसी छा गई है। कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना के बाद से इंटरनेट मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


40 एकड़ में बने वीआईपी पंडालपांच हेलीपैड और सुरक्षा घेराबंदी की जा रही ध्वस्त

पाया नंबर 26 के पास जमालपुर में करीब 40 एकड़ जमीन पर मुख्य पंडाल के साथ चार बड़े पंडाल, पांच हेलीपैड और वाहन पार्किंग का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया था। हजारों कुर्सियां भी मंगाई जा चुकी थीं तथा सिक्स लेन पुल से भरत चौक होते हुए कार्यक्रम स्थल तक जाने वाली सड़क के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए बांस-बल्ली लगाई गई थी। अब मजदूर अधिकारियों के आदेश पर इन्हीं घेराबंदियों और हेलीपैड को हटा रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का दौरा फिलहाल टल गया है, हालांकि जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


99.6 प्रतिशत भौतिक कार्य पूर्णअप्रैल में जुड़ा था पुल का अंतिम सेगमेंट

पथ निर्माण विभाग बिहार सरकार के सचिव पंकज कुमार पाल ने हाल ही में निर्माणाधीन कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा सेतु का स्थल निरीक्षण कर बताया था कि परियोजना का 99.6 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य पुल की फिनिशिंग, सड़क चिन्हांकन और सुरक्षा संबंधी कार्य अंतिम चरण में हैं। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस पुल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य अप्रैल में पूरा हुआ था, जब पाया नंबर 61 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंतिम सेगमेंट जोड़कर स्ट्रक्चर वर्क पूरा किया गया था।


4988 करोड़ की लागत और एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे तकनीक से निर्मित इंजीनियरिंग अजूबा

कुल 22.76 किलोमीटर लंबे इस महासेतु में गंगा नदी पर 9.76 किलोमीटर लंबा पुल और 13 किलोमीटर की एप्रोच रोड शामिल है। 4,988.4 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस परियोजना का निर्माण एलएंडटी (L&T) और कोरियाई कंपनी 'देबू' के जॉइंट वेंचर ने किया है। इसमें एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से 3,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया है तथा 2,000 करोड़ रुपये बिहार सरकार द्वारा वहन किए गए हैं। देश की चुनिंदा 'एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे' तकनीक पर बने इस 32 मीटर चौड़े पुल की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा है।


उत्तर बिहार और पटना के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिगांधी सेतु पर घटेगा ट्रैफिक का दबाव

इस महासेतु के पूरी तरह शुरू होने से पटना और उत्तर बिहार के बीच दूरी और यात्रा का समय दोनों काफी घटेंगे। वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी जाने वाले यात्रियों को गांधी सेतु या जेपी सेतु के जाम से बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31 जनवरी 2016 को इसका शिलान्यास किया था तथा 23 जुलाई 2024 को एनएच-31 से राघोपुर तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन किया गया था। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि बिदुपुर तक का शेष हिस्सा जल्द ही आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।


रिषभ की रिपोर्ट