डीएम के गुप्त इनपुट पर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: 5 किलोमीटर पीछा कर पकड़ा शराब लदा ट्रक, 50 लाख की विदेशी शराब जब्त
Vaishali : जिले में शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर उत्पाद विभाग ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी (डीएम) वर्षा सिंह के सख्त निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम ने 5 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा कर भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब जब्त की है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान मौका पाकर ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा।
5 किलोमीटर तक पीछा कर सराय रोड में पकड़ा गया ट्रक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वैशाली डीएम को गुप्त सूचना मिली थी कि जिले में अवैध शराब की एक बड़ी खेप पहुंचने वाली है। सूचना के सत्यापन के बाद डीएम ने उत्पाद विभाग को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उत्पाद विभाग की टीम ने हाजीपुर के बेलकुंडा के पास से संदिग्ध ट्रक का पीछा करना शुरू किया। लगभग 5 किलोमीटर तक लगातार पीछा किए जाने के बाद सराय रोड में चालक ट्रक को लावारिस स्थिति में सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गया, जिसे उत्पाद विभाग की टीम ने तुरंत जब्त कर लिया।
580 कार्टन शराब बरामद, पंजाब से जुड़े तार
जब पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने जब्त ट्रक की तलाशी ली, तो उसमें से विभिन्न ब्रांडों की कुल 580 कार्टन विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा लगभग 5,160 लीटर मापी गई है। बाजार में इस जब्त शराब की अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। जब्त की गई शराब की सभी बोतलों पर 'फॉर सेल इन पंजाब ओनली' (For Sale in Punjab Only) अंकित है, जिससे यह स्पष्ट आशंका जताई जा रही है कि शराब की यह खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी।
पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएम वर्षा सिंह ने कहा कि शराब माफियाओं के खिलाफ यह केवल एक खेप की जब्ती है, लेकिन जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शराब तस्करी के पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क को जड़ से ध्वस्त करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में शराब के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्राथमिकी दर्ज, वाहन मालिक व तस्करों की तलाश शुरू
उत्पाद विभाग ने ट्रक और शराब की पूरी खेप को जब्त कर लिया है और अज्ञात वाहन मालिक व चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम अब वैज्ञानिक अनुसंधानों, ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शराब माफियाओं व वाहन मालिक की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में जुट गई है।
रिषभ की रिपोर्ट