वैशाली में NEET पेपर लीक और लाठीचार्ज के खिलाफ छात्रों का आक्रोश मार्च, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

वैशाली में NEET पेपर लीक और लाठीचार्ज के खिलाफ छात्रों का आक्रोश मार्च- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : जिले के बिदुपुर में NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर तथा पटना में आंदोलनकारी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरुवार को संत कबीर महंत राम दयाल दास महाविद्यालय के छात्रों ने विशाल विरोध प्रदर्शन और आक्रोश मार्च निकाला। महाविद्यालय परिसर से निकला यह मार्च बिदुपुर प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचा, जहां छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


NEET परीक्षा में धांधली से भविष्य अंधकार में, शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा

प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक ने देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने यह भी कहा कि दिल्ली और पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज से आक्रोश और बढ़ा है।


'जब-जब मोदी डरते हैं, पुलिस को आगे करते हैं': छात्र नेता राजा यादव

आक्रोश मार्च का नेतृत्व छात्र नेता और जिला परिषद क्षेत्र संख्या-31 के प्रतिनिधि राजा यादव कर रहे थे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजा यादव ने तीखा हमला बोला और कहा, "जब-जब नरेंद्र मोदी डरते हैं, तब-तब पुलिस को आगे कर देते हैं।" इस प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।


प्रखंड मुख्यालय पर पुलिस मुस्तैद, शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मार्च

संभावित उपद्रव या हंगामे की आशंका को देखते हुए बिदुपुर प्रखंड मुख्यालय पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बिदुपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनीष भारद्वाज और थानाध्यक्ष रवि प्रकाश के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक सतर्कता के कारण पूरा विरोध प्रदर्शन और आक्रोश मार्च शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।


मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

प्रदर्शन के समापन पर छात्र नेताओं ने प्रशासन और सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की गई, तो इस आंदोलन को जिला और राज्य स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा। इसके पश्चात सभी छात्र-छात्राएं शांतिपूर्वक अपने गंतव्य की ओर लौट गए।

रिषभ की रिपोर्ट