Bihar Crime: इलाज के लिए फैक्ट्री का नहीं खुला गेट, तड़पते हुए मजदूर नो तोड़ा दम, सोना बिस्कुट फैक्ट्री में मानवता हुई शर्मसार, गुनाहगार हो गया फरार
एक मजदूर अचानक बीमार पड़ गए। उनके साथी मजदूरों ने बार-बार गार्ड से गेट खोलने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर गार्ड ने सख्ती से मना कर दिया। बाद में बीमार की तड़प कर मौत हो गई.....
Bihar Crime: सोना बिस्कुट फैक्ट्री में एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना ने मानवता को झकझोर दिया। आधी रात को चन्दन पाठक, जो फैक्ट्री में मजदूरी करते थे, अचानक बीमार पड़ गए। उनके साथी मजदूरों ने बार-बार गार्ड से गेट खोलने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर गार्ड ने सख्ती से मना कर दिया। गार्ड का कहना था कि आधी रात में गेट खोलने का आदेश मालिक से नहीं मिला।वैशाली जिले के हाजीपुर औद्योगिक थाना क्षेत्र की घटना है।
मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री में 5 हजार से 7 हजार मजदूर कार्य करते है लेकिन यहाँ प्राथमिक उपचार की कोई व्यवस्था नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में मजदूरों को इलाज के लिए फैक्ट्री के बाहर जाना पङता है। फैक्ट्री के कारीगर निहाल सिंह का आरोप है कि मजदूरों से आठ घंटे के बजाय लगातार 72 घंटे तक काम लिया जाता है। विरोध करने पर उन्हें जबरन रोका जाता है और नहीं रूकने पर वेतन तक काट लिया जाता है।
घटना के बाद से फैक्ट्री के सभी गार्ड तथा मजदूर के ठेकेदार बेगूसराय निवासी नवल किशोर मिश्रा फरार हैं। मजदूरों का कहना है कि ऐसी दूर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद भी फैक्ट्री मालिक उनसे मिलने तक नहीं आए। मजदूरों ने मृतक के परिजनों को फैक्ट्री द्वारा 20 लाख देने की माँग की है।
घटना के बाद मजदूर आक्रोशित हो गए, फैक्ट्री में तोङफोङ की और सङक पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि मृतक औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के दादर गाँव निवासी थे। वे अपने पीछे दो बेटियाँ और एक बेटा छोङ गए हैँ, जिनका भविष्य अनिश्चितता के अंधकार में चला गया है। अभी तक उनके परिजन घटनास्थल पर नहीं पहुँच पाए हैं।
यह दुखद घटना कार्यस्थलों पर सुरक्षा की कमी और जिम्मेदार अधिकारियों एवं मालिकों की उदासीनता को उजागर करती है। मजदूरों की तड़प और मानवता की शर्मनाक दास्तान आज पूरे जिले में सवाल खड़े कर रही है कि क्या जीवन की कीमत सुरक्षा और जिम्मेदारी के अभाव में इतनी सस्ती हो गई है।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार