बिहार को पूर्वी भारत का 'टेक हब' बनाने की तैयारी, दिल्ली में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इन कंपनियों के साथ हुई बैठक

बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की तैयारी! दिल्ली के बिहार भवन में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में शीर्ष समितियों की बैठक हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर, मेगा टेक सिटी और एआई मिशन जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई।

बिहार को पूर्वी भारत का 'टेक हब' बनाने की तैयारी, दिल्ली में

New Delhi - : बिहार को नवाचार, प्रौद्योगिकी और न्यू एज इकोनॉमी (नई अर्थव्यवस्था) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से गठित तीन शीर्ष समितियों की दूसरी बैठक आज नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में आयोजित की गई । बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की । इस उच्चस्तरीय मंथन में बिहार को पूर्वी भारत के 'टेक हब' के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया, जिसमें सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC), मेगा टेक सिटी और फिन-टेक सिटी जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा की गई 

निवेश के लिए तैयार होगा अनुकूल वातावरण

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल बनाना है । उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के पास प्रतिभाशाली युवाओं की बड़ी फौज, तेजी से विकसित होती बुनियादी संरचना और निवेश समर्थक नीतियां हैं, जो इसे देश-दुनिया के निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं । उन्होंने आगामी औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत को बिहार में उपलब्ध असीम अवसरों से जोड़ने की बात कही 

एआई मिशन और स्टार्टअप पर विशेष जोर


बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने स्टार्टअप्स और न्यू एज इकोनॉमी के लिए सशक्त केंद्र विकसित करने की रणनीति साझा की । वहीं, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने राज्य सरकार के 'एआई मिशन' (AI Mission) और उभरती डिजिटल तकनीकों की संभावनाओं पर चर्चा की । विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित करने से न केवल नए उद्योग लगेंगे, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे 

ग्लोबल बैकएंड हब बनने का रोडमैप

बैठक के दौरान अगले पाँच वर्षों में बिहार को 'ग्लोबल बैकएंड हब' और 'ग्लोबल वर्कप्लेस' के रूप में स्थापित करने की कार्ययोजना पर विचार किया गया । इसके तहत फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को यूनिकॉर्न बनाने के लिए मार्गदर्शन, वित्तपोषण और वैश्विक साझेदारी उपलब्ध कराने पर सहमति बनी । इसके लिए प्रत्येक शीर्ष समिति को एक स्पष्ट और समयबद्ध 'एक्शन प्लान' तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि प्रस्तावित पहलों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके 

दिग्गज उद्यमियों और विशेषज्ञों की रही मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद थे । साथ ही, उद्योग जगत के दिग्गज जैसे 'देहात' (DeHaat) के शशांक कुमार, 'योरस्टोरी' (YourStory) की श्रद्धा शर्मा, 'यूक्लीन' (UClean) के अरुणाभ सिन्हा और 'इनशॉर्ट्स' (Inshorts) के अजहर इकबाल ने भी भाग लेकर बिहार के औद्योगिक विकास के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए । सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में बिहार को तकनीक और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए मिलकर कार्य करने पर बल दिया