ATM से पैसे निकालने से पहले पढ़ लें यह खबर, वरना लगेगा भारी जुर्माना; 1 अप्रैल से लागू हो रही नई पॉलिसी

1 अप्रैल 2026 से HDFC, PNB और बंधन बैंक के ATM और डेबिट कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव हो रहा है। जानें कैश निकासी की नई लिमिट और ट्रांजैक्शन फेल होने पर लगने वाले जुर्माने के बारे में।

Patna - : नए वित्त वर्ष (FY 2026-27) के आगाज के साथ ही बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं । HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बंधन बैंक ने अपने ATM ट्रांजैक्शन और डेबिट कार्ड लिमिट के नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं । 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये नियम सीधे आपकी बचत और कैश निकालने की आदतों पर असर डालेंगे । बैंकों का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को नकद निकासी के बजाय डिजिटल माध्यमों जैसे UPI और नेट बैंकिंग की ओर प्रोत्साहित करना है 

HDFC बैंक: UPI से कैश निकालना भी अब 'फ्री' नहीं

HDFC बैंक ने अपने कार्डलेस कैश विड्रॉल (UPI के जरिए ATM से निकासी) के नियमों को सख्त कर दिया है । अब UPI से निकाला गया कैश भी फ्री ट्रांजैक्शन की मासिक लिमिट में गिना जाएगा । बैंक के अपने ATM पर 5 और दूसरे बैंकों के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 ट्रांजैक्शन ही फ्री रहेंगे । लिमिट खत्म होने पर हर ट्रांजैक्शन के लिए ₹23 प्लस टैक्स का भुगतान करना होगा । खास बात यह है कि शाम 7:30 बजे के बाद किया गया लेनदेन अगले दिन के कोटे में शामिल होगा 

PNB: डेबिट कार्ड से कैश निकालने की लिमिट हुई आधी

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहकों के लिए निकासी की दैनिक सीमा (Daily Withdrawal Limit) को घटा दिया गया है । RuPay प्लेटिनम, वीज़ा गोल्ड और मास्टरकार्ड प्लेटिनम जैसे प्रीमियम कार्ड्स के लिए अब दैनिक लिमिट ₹1 लाख से घटाकर मात्र ₹50,000 कर दी गई है । यह नियम RuPay NCMC प्लेटिनम, RuPay वुमन पावर और PNB पलाश जैसे विशेष कार्ड वेरिएंट्स पर भी लागू होगा 

बंधन बैंक: खाते में बैलेंस कम हुआ तो लगेगा जुर्माना

बंधन बैंक ने ट्रांजैक्शन फेल होने पर पेनल्टी का प्रावधान किया है । यदि आपके खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और इसके कारण ATM ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो आपको ₹25 का जुर्माना देना होगा । इसके अलावा, बैंक ने फ्री लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर ₹23 और नॉन-फाइनेंशियल (जैसे मिनी स्टेटमेंट या बैलेंस इंक्वायरी) पर ₹10 का शुल्क तय किया है । खुद के ATM पर 5 फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे, जबकि दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में यह सीमा 3 ट्रांजैक्शन की है 

क्यों हो रहे हैं ये बदलाव?

बैंकों के इन कड़े कदमों के पीछे का असली मकसद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना और कैश मैनेजमेंट के बोझ को कम करना है । नकद निकासी को महंगा और सीमित बनाकर बैंक चाहते हैं कि ग्राहक बड़े ट्रांजैक्शंस के लिए सुरक्षित डिजिटल विकल्पों का चुनाव करें । इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि बैंकों के परिचालन खर्च में भी कमी आएगी