बिहार में कई सेक्टर में होगा निवेश! श्रेयसी सिंह की बेंगलुरु में उद्योग जगत के दिग्गजों से मुलाकात, हजारों नौकरी के मिलेंगे अवसर

श्रेयसी सिंह ने कहा कि “बिहार एक मजबूत और निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उद्योग मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से बिहार में निवेश के अवसर तलाशने और अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने का आग्रह किया।

Investment in Bihar- फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार में निवेश को बढ़ावा देने और राज्य में नए औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने बेंगलुरु में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रमुख निर्माताओं, निर्यातकों और निवेशकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को बिहार में उपलब्ध संभावनाओं और राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों से अवगत कराया तथा उन्हें बिहार में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।


श्रेयसी सिंह ने बताया कि बेंगलुरु में उनका दिन विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ सार्थक संवाद में बीता। उन्होंने कहा कि वस्त्र, चमड़ा, आईटी/आईटीईएस, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), ऊर्जा, होम फर्निशिंग, इथेनॉल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बिहार में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। 


उन्होंने कहा कि “बिहार एक मजबूत और निवेश-अनुकूल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उद्योग मंत्री ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से बिहार में निवेश के अवसर तलाशने और अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने का आग्रह किया।


प्रवासी बिहारी उद्यमियों से भी हुई चर्चा

श्रेयसी सिंह ने बताया कि बेंगलुरु में सफलतापूर्वक कारोबार कर रहे प्रवासी बिहारी उद्यमियों और सीईओ के साथ भी सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन संवादों का उद्देश्य बिहार के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करना तथा राज्य में समावेशी आर्थिक विकास को गति देना है।


बैठकों में Flipkart, Reliance Trends and Footprint, Nirani Group, Drools, Ninja Cart, Setner, Senses Pharma, Inotek Solutions, Scieng Tech Fashions, LTG Infrastructure, Spectrum Global, Chakron, Green Wealth और Floating Walls समेत कई कंपनियों के सीईओ और प्रमुख निर्णयकर्ता शामिल हुए।


उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार राज्य में निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, उद्योगों की स्थापना को आसान बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। बेंगलुरु में हुई इन बैठकों को इसी प्रयास की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।