Employment Rules: आज से लगेगा कर्मचारियों को बड़ा झटका,नौकरीपेशा के लिए हुआ बड़ा बदलाव, बढ़ेगा PF, घट सकती है इन-हैंड सैलरी
Employment Rules:देश के नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से एक नई शुरुआत होने जा रही है। ...
Employment Rules:देश के नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से एक नई शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर केवल 4 नए New Labour Codes लागू किए हैं, जो कर्मचारियों की सैलरी, पीएफ, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से लेकर कामकाजी शर्तों तक को पूरी तरह बदल देंगे। नए कोड नवंबर 2025 में नोटिफाई किए गए थे, और अब कंपनियां इन्हें अपने सिस्टम में लागू करने लगी हैं।
नए लेबर कोड के तहत सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम तय होंगे। वेतन की गणना 8 घंटे के आधार पर होगी, जबकि नाइट शिफ्ट में सैलरी कैलकुलेशन अलग होगा। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, लॉजिस्टिक्स और आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम पर दुगना वेतन सुनिश्चित किया गया है।
पहली बार गिग वर्कर्स को PF, बीमा और पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे। एग्रीगेटर्स को इनके टर्नओवर का 1-2% योगदान देना होगा, जो मैक्सिमम 5% तक सीमित है। हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र अनिवार्य मिलेगा। समय पर वेतन भुगतान कानूनन जरूरी होगा। न्यूनतम वेतन की गारंटी के साथ नौकरी करने वालों की सुरक्षा बढ़ाई गई है।बेसिक सैलरी अब कुल CTC का 50% तक हो सकती है। इससे PF कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा, लेकिन टेक होम सैलरी कम हो सकती है। कंपनियों की टैक्स बचाने की पुरानी रणनीति अब काम नहीं करेगी।ग्रेच्युटी सिर्फ 1 साल में: अब एक साल की नौकरी पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी। यह सुविधा फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स पर भी लागू होगी।
कामकाजी महिलाओं और ट्रांसजेंडर: महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम की अनुमति होगी, बशर्ते सहमति और सुरक्षा उपाय मौजूद हों। समान वेतन और सम्मान की गारंटी भी कानून में शामिल है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी बराबरी का हक मिलेगा।1 अप्रैल से नौकरीपेशा कर्मचारियों का जीवन बदलने वाला है। जहां कुछ नियम उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सुविधा देंगे, वहीं टेक होम सैलरी में बदलाव से उन्हें रणनीति अपनानी पड़ेगी। यह बदलाव निजी और सार्वजनिक दोनों सेक्टर के कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।