Kaimur Snake Bite: करैत के डसने से मासूम की मौत! कैमूर में पहले झाड़फूंक, फिर अस्पताल ले गए परिजन
Kaimur Snake Bite: कैमूर के अमांव गांव में करैत सांप के डसने से 4 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजन पहले झाड़फूंक कराने ले गए, बाद में अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने तुरंत इलाज की सलाह दी।
Kaimur Snake Bite: बिहार के कैमूर जिले से सांप के काटने का एक दुखद मामला सामने आया है। चैनपुर थाना क्षेत्र के अमांव गांव में करैत सांप के डसने से 4 साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़फूंक कराने ले गए। हालत बिगड़ने के बाद जब उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। मृत बच्चे की पहचान अमांव गांव निवासी बाबूलाल राम के 4 वर्षीय बेटे अकांक्ष कुमार के रूप में हुई है।
सोते समय सांप ने डसा
मृतक के पिता बाबूलाल राम ने बताया कि बच्चा खाना खाने के बाद घर में पलंग पर सो रहा था। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। बच्चे ने सांप को देख लिया और परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे अमांव की सती माई के पास झाड़फूंक कराने ले गए। वहां बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे इलाज के लिए जमनिया ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
बच्चे को डसने वाले सांप की भी हुई मौत
बच्चे के परिवार वाले इलाज के लिए भागदौड़ कर ही रहे थे कि उन्हें घर के पास से फोन आया। बताया गया कि बच्चे को डसने वाला सांप कुछ देर तक वहीं पड़ा रहा और बाद में बाहर निकलने के बाद उसकी भी मौत हो गई। सांप को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने उसके शरीर पर बनी धारियों को देखकर इसे करैत सांप बताया। हालांकि, सांप की प्रजाति की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है।
डॉक्टर ने कहा- झाड़फूंक में समय बर्बाद न करें
भभुआ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने लोगों से सांप या किसी जहरीले जीव के काटने पर झाड़फूंक के भरोसे न रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में मरीज को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाना चाहिए। अस्पताल में जरूरत के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम यानी एंटीवेनम दिया जा सकता है। समय पर इलाज मिलने से गंभीर सर्पदंश के मरीज की जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।