Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमत बढ़ी, लेकिन नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के भाव; शहरवार लिस्ट देखें

Petrol-Diesel Price Today: कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई है, फिर भी भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर हैं। जानें आज के शहरवार भाव और महंगे क्रूड का भारत पर असर।

Petrol-Diesel Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई को लेकर चिंता के कारण ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। 11 सितंबर को ब्रेंट क्रूड करीब 108.68 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 103.45 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।


इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आखिरी बार 25 मई को बदले थे।


शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के क्या हैं भाव?


देश के अलग-अलग शहरों में स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्क के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग रहती हैं। दिए गए शहरों में दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 111.31 रुपये और डीजल 97.97 रुपये, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है।


चेन्नई में पेट्रोल 107.78 रुपये और डीजल 99.56 रुपये प्रति लीटर है। गुरुग्राम में पेट्रोल 102.97 रुपये और डीजल 95.94 रुपये, पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर है।


नागपुर में पेट्रोल 111.90 रुपये और डीजल 98.20 रुपये, श्रीनगर में पेट्रोल 104.10 रुपये और डीजल 92.81 रुपये तथा इंदौर में पेट्रोल 114.32 रुपये और डीजल 99.41 रुपये प्रति लीटर है।


कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार क्यों पहुंची?


कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव सबसे बड़ी वजहों में से एक है। तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर खतरे की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ा दी है। रॉयटर्स के मुताबिक ब्रेंट क्रूड इस सप्ताह 100 डॉलर के ऊपर पहुंच गया और शुक्रवार को यह करीब 108.68 डॉलर प्रति बैरल तक गया। WTI भी 100 डॉलर के स्तर को पार कर गया। हॉर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का असर दुनिया भर में तेल की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है। इसी वजह से बाजार में आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की आशंका है।


भारत पर महंगे कच्चे तेल का क्या असर होगा?


भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। 2025-26 में देश की क्रूड ऑयल इंपोर्ट डिपेंडेंस बढ़कर करीब 88.7 प्रतिशत हो गई थी। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर भारत का आयात बिल बढ़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है। महंगे तेल का असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने पर सब्जियों, फलों, दूध और दूसरी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है। हालांकि, अभी घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना नहीं बताई जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार तेल कंपनियां तब तक खुदरा कीमतों में बदलाव से बच सकती हैं जब तक कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर नहीं रहतीं।


रोज सुबह 6 बजे क्यों जारी होते हैं पेट्रोल-डीजल के नए रेट?


भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों की रोजाना समीक्षा की व्यवस्था लागू है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हर छोटे उतार-चढ़ाव का असर उसी दिन घरेलू कीमत पर दिखना जरूरी नहीं है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, टैक्स, परिवहन खर्च और अपने मार्जिन समेत कई बातों को ध्यान में रखती हैं। इसलिए कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ समय तक स्थिर रह सकते हैं।


आगे पेट्रोल-डीजल महंगा होगा या नहीं?


फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 100 डॉलर से ऊपर पहुंचा कच्चा तेल घरेलू ईंधन कीमतों को कब प्रभावित करेगा। अगर पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकती हैं, तो भारतीय तेल कंपनियों पर कीमतों में बदलाव का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, लेकिन अगर महंगा कच्चा तेल लंबे समय तक बना रहता है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों के साथ महंगाई पर भी असर पड़ने की संभावना बढ़ सकती है।