Fuel Price In Dubai: दुबई में पेट्रोल महंगा होने की वजह क्या है? जानें भारत से कीमतों का अंतर

Fuel Price In Dubai: UAE में अक्टूबर 2026 में पेट्रोल के दाम करीब 16 फीसदी तक बढ़े। जानें UAE में पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें और दिल्ली के दाम से उनकी तुलना।

Fuel Price In Dubai: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से आम लोगों का खर्च बढ़ जाता है। अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी अक्टूबर 2026 में पेट्रोल और डीजल महंगा हो गया है। वहां पेट्रोल की कीमत में करीब 16 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। डीजल के दाम भी बढ़ाए गए हैं।


UAE में कच्चे तेल का उत्पादन होता है, लेकिन वहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और हर महीने होने वाले दामों के बदलाव पर निर्भर करती हैं।


UAE में पेट्रोल-डीजल के नए दाम


UAE में हर महीने पेट्रोल और डीजल की कीमत तय की जाती है। अक्टूबर 2026 में पेट्रोल की सभी प्रमुख श्रेणियों के दाम बढ़ाए गए हैं। डीजल की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। सुपर 98 पेट्रोल की कीमत सितंबर में 3.80 दिरहम प्रति लीटर थी, जो अक्टूबर में बढ़कर 4.40 दिरहम हो गई। स्पेशल 95 पेट्रोल का दाम 3.69 दिरहम से बढ़कर 4.28 दिरहम प्रति लीटर हो गया। वहीं, E-Plus 91 पेट्रोल की कीमत 3.61 दिरहम से बढ़कर 4.21 दिरहम प्रति लीटर हो गई। डीजल की कीमत भी 4.30 दिरहम से बढ़कर 4.80 दिरहम प्रति लीटर हो गई है।


दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम


22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर थी। UAE और भारत में ईंधन की कीमतों की तुलना करते समय दिरहम और रुपये की कीमत का ध्यान रखना जरूरी है। इसके अलावा, दोनों देशों में टैक्स और ईंधन के दाम तय करने का तरीका भी अलग है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत राज्य के हिसाब से बदल सकती है, क्योंकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स अलग होता है, इसलिए UAE और भारत में पेट्रोल-डीजल कितना महंगा या सस्ता है, यह जानने के लिए दोनों देशों की कीमतों को एक ही मुद्रा में बदलकर तुलना करनी चाहिए।


पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?


मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर तेल के बाजार पर पड़ सकता है। इस इलाके में संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ती है। जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों पर नहीं पड़ता। ट्रक और दूसरे वाहनों से सामान पहुंचाने का खर्च भी बढ़ सकता है। इससे आने वाले समय में रोजमर्रा की चीजें महंगी होने का खतरा रहता है।