UK Air Traffic Control: ब्रिटेन में Flight Chaos! एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की खराबी से 1000+ उड़ानें रद्द

UK Air Traffic Control: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की तकनीकी खराबी के बाद 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो गईं। 15 से ज्यादा एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की परेशानी और भारी भीड़ देखने को मिली।

UK Air Traffic Control: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी समस्या का असर मंगलवार देर रात तक भी हवाई यात्रियों पर दिखाई दिया। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक, इस गड़बड़ी के कारण देशभर में 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बड़ी संख्या में फ्लाइट्स के प्रभावित होने से कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई।


ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) ने बताया कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में आई तकनीकी समस्या को मंगलवार शाम तक ठीक कर लिया गया था। हालांकि, सिस्टम सामान्य होने के बाद भी इसका असर तुरंत खत्म नहीं हुआ। पहले से रद्द और रुकी हुई उड़ानों का बड़ा बैकलॉग तैयार हो गया था, जिसे एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन धीरे-धीरे कम करने में जुटे रहे।


15 से ज्यादा एयरपोर्ट्स पर असर


तकनीकी खराबी का प्रभाव ब्रिटेन के 15 से ज्यादा एयरपोर्ट्स तक पहुंचा। उड़ानों के रद्द होने और समय पर संचालन नहीं होने के कारण यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को आखिरी समय तक अपनी फ्लाइट की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या बढ़ने से कई जगह भीड़ और अव्यवस्था जैसी स्थिति देखने को मिली। जिन लोगों की उड़ानें रद्द हुईं, उन्हें वैकल्पिक फ्लाइट या आगे की यात्रा को लेकर भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।


तीन घंटे तक विमान में फंसी रहीं यात्री


गैटविक एयरपोर्ट पर हालात की गंभीरता का अंदाजा एक यात्री के अनुभव से लगाया जा सकता है। आयरलैंड जाने वाली Ryanair की फ्लाइट रद्द होने से पहले जोसी डोनोग्यू करीब तीन घंटे तक विमान में फंसी रहीं। उन्होंने एयरपोर्ट से बाहर निकलने के अनुभव की तुलना अल्काट्राज जेल से बाहर निकलने की कोशिश से की। उनका कहना था कि एयरपोर्ट से निकलना बेहद मुश्किल हो गया था। अल्काट्राज अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थित एक पूर्व जेल है, जिसे अपनी कड़ी सुरक्षा के लिए जाना जाता है।


यात्रियों में नाराजगी, सूचना को लेकर भी सवाल


गैटविक समेत कई अन्य एयरपोर्ट्स पर यात्रियों में नाराजगी देखी गई। यात्रियों की शिकायत थी कि उड़ान रद्द होने या यात्रा में बदलाव की जानकारी उन्हें समय पर नहीं मिली। इसके बाद एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से स्थिति और मुश्किल हो गई। NATS की तकनीकी समस्या ठीक होने के बावजूद उड़ानों का संचालन तुरंत सामान्य नहीं हो सका। एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती पहले से जमा उड़ानों के बैकलॉग को खत्म करना रही। ऐसे में यात्रियों को आने वाले समय में भी देरी और शेड्यूल में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।