Trump Tariffs: अमेरिका के टैरिफ का बड़ा असर, अक्टूबर 2025 में भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 17% गिरा
Trump Tariffs: अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ के बाद भारत का इंजीनियरिंग निर्यात अक्टूबर 2025 में 16.71% गिर चुका है। अमेरिका, आसियान और यूएई सहित कई बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
Trump Tariffs: अमेरिका की तरफ से आयात शुल्क बढ़ाने का असर अब भारत के निर्यात आंकड़ों में साफ दिखाई देने लगा है। अक्टूबर 2025 में भारत के इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में काफी नीचे चला गया। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (EEPC) का कहना है कि यह गिरावट बढ़े हुए अमेरिकी टैरिफ और पिछले साल के ऊँचे आँकड़ों का संयुक्त परिणाम है।
अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात में तेज गिरावट
भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार हमेशा से अमेरिका रहा है, लेकिन 2025 में स्थिति बदल गई। टैरिफ बढ़ने के बाद अमेरिकी आयातक नई सप्लाई के लिए दूसरे देशों की ओर चले गए। इसी वजह से अक्टूबर 2025 में अमेरिका को भेजा गया निर्यात भारी रूप से कम हुआ। पिछले वर्ष जहाँ यह आँकड़ा काफी मजबूत था, वहीं इस बार कुल मूल्य कई सौ मिलियन डॉलर कम रह गया।
आसियान, UAE और अन्य क्षेत्र भी प्रभावित
अमेरिकी बाजार अकेला ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां गिरावट दर्ज हुई हो। दक्षिण–पूर्व एशिया के देशों, खासतौर पर आसियान समूह को भेजा जाने वाला इंजीनियरिंग व्यापार आधे से भी कम रह गया। यूएई की ओर जाने वाले निर्यात का स्तर भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी घटा। यूरोपीय संघ और उत्तर अमेरिका में भी लगातार दो महीनों से मांग कमजोर बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया, दक्षिण एशिया, लैटिन अमेरिका और CIS देशों में भी कमी का माहौल जारी है।
कौन-से इंजीनियरिंग उत्पाद सबसे ज्यादा प्रभावित?
अक्टूबर 2025 में जितनी इंजीनियरिंग श्रेणियों की समीक्षा की गई, उनमें से बड़ी संख्या में नकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। विमानन क्षेत्र में तो निर्यात लगभग गायब सा हो गया। समुद्री जहाजों और फ्लोटिंग स्ट्रक्चर्स के कारोबार में भी भारी गिरावट दर्ज हुई। उद्योगों में उपयोग होने वाली मशीनों, इलेक्ट्रिकल उपकरणों, आयरन–स्टील और एल्यूमिनियम उत्पादों की मांग भी लगातार कम हो रही है, जिससे कुल निर्यात पर असर पड़ रहा है।
वित्तीय वर्ष में दूसरी बड़ी गिरावट
FY26 के दौरान यह दूसरी बार है जब इंजीनियरिंग निर्यात में इतनी प्रमुख गिरावट देखी गई। इससे पहले मई 2025 में भी निर्यात में कमी आई थी। लगातार चार महीनों की वृद्धि के बाद आया यह तीखा गिरावट वाला महीना निर्यातकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है।
अप्रैल से अगस्त तक बढ़ते टैरिफ ने बदली व्यापार की दिशा
वैश्विक व्यापार अनुसंधान संस्थान (GTRI) की एक रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका ने अप्रैल 2025 में जो टैरिफ 10% लगाया था, वह अगस्त के अंत तक पाँच गुना बढ़कर 50% हो गया। इस बदलाव ने भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर सीधा असर डाला। मई से अक्टूबर 2025 के बीच अमेरिका को होने वाला भारतीय निर्यात लगभग एक तिहाई कम हो गया।
EEPC की प्रतिक्रिया
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन पंकज चड्ढा ने कहा कि पिछले वर्ष के ऊंचे निर्यात स्तर के कारण आधार प्रभाव भी इस गिरावट में भूमिका निभाता है, लेकिन मुख्य कारण अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ हैं। उनका कहना है कि शुल्क बढ़ने के बाद व्यापार का रुझान तेजी से दूसरी दिशा में चला गया है, जिसका असर आने वाले महीनों में भी देखने को मिल सकता है।