venezuela oil reserves: दुनिया में सबसे ज्यादा तेल, फिर भी गरीब क्यों है वेनेजुएला? जानें अमेरिका ने क्यों किया हमला?
venezuela oil reserves: दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वेनेजुएला गरीब क्यों है? अमेरिका-वेनेजुएला तनाव, मादुरो गिरफ्तारी और तेल राजनीति की पूरी कहानी।
venezuela oil reserves: दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार होने के बावजूद वेनेजुएला आज गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यह विरोधाभास लंबे समय से वैश्विक बहस का विषय रहा है। तेल से भरपूर यह देश महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि उसका तेल भी है, जो जितना विशाल है, उतना ही जटिल।
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच फिर बढ़ा तनाव
शनिवार सुबह अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया। अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की। हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया है और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया है।इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला में भारी उथल-पुथल मच गई। उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा कि अमेरिकी सेना द्वारा मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेने के बाद सरकार को यह जानकारी नहीं है कि उन्हें कहां रखा गया है।
वेनेजुएला के तेल भंडार कितने विशाल हैं
2023 तक के अनुमान के मुताबिक वेनेजुएला के पास करीब 303 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। यह सऊदी अरब, ईरान और कनाडा जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों से भी अधिक है। अमेरिका से तुलना करें तो वेनेजुएला के पास लगभग पांच गुना ज्यादा तेल मौजूद है।इसके बावजूद वेनेजुएला की तेल से होने वाली कमाई अमेरिका की कमाई के एक छोटे हिस्से के बराबर भी नहीं है। यही सवाल सबसे बड़ा है कि इतना तेल होने के बाद भी देश कंगाल क्यों है।
ओरिनोको बेल्ट और भारी कच्चे तेल की समस्या
वेनेजुएला का ज्यादातर तेल ओरिनोको बेल्ट क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका करीब 55 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और देश के पूर्वी हिस्से में आता है। यहां मिलने वाला कच्चा तेल सामान्य तेल की तुलना में कहीं ज्यादा भारी और गाढ़ा होता है। इस तेल की डेंसिटी ज्यादा होती है और इसमें सल्फर की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। ऐसे तेल को जमीन से निकालना, प्रोसेस करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने लायक बनाना बेहद महंगा और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। यही वजह है कि वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में कम कीमत पर बिकता है।
सरकारी कंपनी PDVSA की बदहाली
वेनेजुएला के तेल उत्पादन की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी पेट्रोलेओस डी वेनेजुएला एस.ए. यानी PDVSA के पास है। यही कंपनी ओरिनोको बेल्ट के विशाल तेल भंडार का संचालन करती है। लेकिन PDVSA वर्षों से गंभीर समस्याओं से जूझ रही है।कंपनी की मशीनरी पुरानी हो चुकी है, निवेश की भारी कमी है और प्रबंधन पर भी सवाल उठते रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका समेत कई देशों द्वारा लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों ने कंपनी की कमर तोड़ दी है। आधुनिक तकनीक और विदेशी साझेदारी के बिना PDVSA अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन नहीं कर पा रही है।
प्रतिबंधों और राजनीति ने बढ़ाई मुश्किलें
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव कोई नया नहीं है। दोनों देशों के रिश्ते दशकों से तेल, सत्ता और सुरक्षा के मुद्दों पर उलझे रहे हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से वेनेजुएला को न केवल तेल बेचने में दिक्कत होती है, बल्कि जरूरी मशीनें, स्पेयर पार्ट्स और तकनीक आयात करना भी मुश्किल हो गया है।इसका सीधा असर तेल उत्पादन पर पड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था और कमजोर होती चली गई है। नतीजतन महंगाई आसमान छू रही है और आम नागरिकों का जीवन बेहद कठिन हो गया है।
तेल की दौलत, लेकिन जनता बदहाल
तेल से भरपूर होने के बावजूद वेनेजुएला आज दुनिया के गरीब देशों में गिना जाता है। तेल की कमाई का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाया। राजनीतिक संघर्ष, कुप्रबंधन और बाहरी दबावों ने मिलकर इस देश को आर्थिक संकट में धकेल दिया है। अब अमेरिका के साथ ताजा टकराव और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के दावों ने स्थिति को और अधिक अस्थिर बना दिया है।