Bihar Crime:अरवल में पावर बनाम पॉलिटिक् का टकराव, जेई ने JDU विधायक पर लगाया रंगदारी और मारपीट का आरोप, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप

Bihar Crime: बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर ने सत्ताधारी दल जदयू के विधायक पर मारपीट, धमकी और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर इल्जाम लगाकर पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है।

जेई ने JDU विधायक पर लगाया रंगदारी और मारपीट का आरोप- फोटो : reporter

Bihar Crime: अरवल जिले में सत्ता, सिस्टम और सियासत के बीच टकराव का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर ने सत्ताधारी दल जदयू के विधायक पर मारपीट, धमकी और रंगदारी मांगने जैसे गंभीर इल्जाम लगाकर पूरे प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। मामला अब थाने की चौखट तक पहुंच चुका है और पुलिस ने इसकी तहकीकात शुरू कर दी है।

अरवल सदर विद्युत आपूर्ति प्रशाखा में तैनात कनीय विद्युत अभियंता नितेश कुमार ने अपनी लिखित तहरीर में आरोप लगाया है कि 13 जून की शाम कुर्था के विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने उन्हें फोन किया था। जेई के मुताबिक उन्होंने शिष्टाचार के तहत नमस्कार किया, लेकिन विधायक इस बात पर भड़क गए और कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकियां देने लगे। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि बाद में व्हाट्सएप कॉल कर उन्हें गालियां दी गईं और 50 हजार रुपये पहुंचाने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि रकम नहीं देने पर नौकरी में बाधा पहुंचाने और विधानसभा में मामला उठाने की धमकी भी दी गई।

मामला यहीं नहीं रुका। जेई का आरोप है कि 16 जून को उन्हें सर्किट हाउस के एक कमरे में बुलाया गया, जहां विधायक और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। वहां पहुंचते ही उनका मोबाइल टेबल पर रखवाया गया और फिर कथित तौर पर थप्पड़-धक्का देकर मारपीट की गई। शिकायत में कहा गया है कि विधायक ने उन्हें अरवल में नौकरी करने के लिए अपनी शर्तें मानने की धमकी दी।

इन आरोपों के सामने आते ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ सरकारी अधिकारी पर दबाव और हमले का आरोप है, तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

हालांकि विधायक पप्पू कुमार वर्मा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह उनकी छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश है। विधायक के अनुसार, एक स्थानीय शादी समारोह के दौरान ट्रांसफार्मर जल जाने से लोगों को परेशानी हो रही थी। जब उन्होंने जेई से बात की तो कथित तौर पर अधिकारी ने ही असम्मानजनक व्यवहार किया। विधायक ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने जेई को सर्किट हाउस बुलवाया था, लेकिन वहां केवल जनता की शिकायतों और काम में लापरवाही को लेकर बातचीत हुई थी।

अब यह मामला आरोप और प्रत्यारोप की जंग में तब्दील हो चुका है। एक ओर सरकारी अफसर खुद को पीड़ित बता रहा है, तो दूसरी ओर विधायक इसे राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। बहरहाल, सच क्या है, इसका फैसला पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही करेंगे। लेकिन इतना तय है कि अरवल में उठा यह विवाद आने वाले दिनों में सियासी और प्रशासनिक गलियारों में गर्म बहस का मुद्दा बना रहेगा।



रिपोर्ट- रंजीत कुमार