Bihar Child Labour: सरकारी परिसर में मासूमों के हाथों में टांगी-हसुली, बाल श्रम के आरोप से मचा हड़कंप
Bihar Child Labour: बाल श्रम के खात्मे को लेकर लगातार अभियान और छापेमारी के दावे कर रहा हो, लेकिन तस्वीरों ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।...
Bihar Child Labour: औरंगाबाद जिला प्रशासन भले ही बाल श्रम के खात्मे को लेकर लगातार अभियान और छापेमारी के दावे कर रहा हो, लेकिन मदनपुर प्रखंड मुख्यालय से सामने आई तस्वीरों ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि भवन परिसर स्थित पॉलीवियर हाउसिंग के सामने कथित तौर पर नाबालिग बच्चों से झाड़-झंखाड़ कटवाने का मामला सामने आया है। तस्वीर में दो बच्चे घनी झाड़ियों के बीच हाथ में टांगी और हसुली लेकर पेड़-पौधों तथा झाड़ियों की कटाई करते दिखाई दे रहे हैं।
सबसे गंभीर बात यह है कि बच्चों के पास काम के दौरान किसी तरह के सुरक्षा उपकरण भी नजर नहीं आ रहे हैं। न हाथों में दस्ताने हैं और न पैरों में जूते। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताब-कॉपी होनी चाहिए, वहां धारदार औजार थमा दिए जाने के आरोप ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है।
काम कर रहे बच्चों से कथित तौर पर पूछताछ में उन्होंने बताया कि कृषि भवन के कर्मियों की ओर से उन्हें सुबह से शाम तक काम पर लगाया गया है और दिनभर की मजदूरी के रूप में 200 रुपये देने की बात कही गई है। हालांकि बच्चों की उम्र और उन्हें काम पर लगाए जाने की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2016 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से रोजगार या काम कराना प्रतिबंधित है। ऐसे में यदि जांच में बच्चों की उम्र और काम कराने के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
मामले को लेकर मदनपुर के प्रखंड कृषि पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने अपने विभाग की ओर से बाल श्रम कराए जाने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में यह विभाग का परिसर और कर्मी जिम्मेदार पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी परिसर में नाबालिगों से कथित तौर पर काम कराया गया या नहीं और यदि आरोप सही हैं तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? तस्वीर और वीडियो की निष्पक्ष जांच तथा बच्चों की उम्र का सत्यापन होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आएगी।
रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर