बिहार के होटल में छिपा था 2 करोड़ का ठगीबाज, 50 हजार के इनामी शातिर को राजस्थान पुलिस ने दबोचा, रुपए के साथ फर्जी दस्तावेज भी हुए बरामद

Bihar Crime: बिहार में उस वक्त सनसनी फैल गई जब राजस्थान की कोटा पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी के एक बड़े मास्टरमाइंड को होटल से धर दबोचा।

बिहार के होटल में छिपा था 2 करोड़ का ठगीबाज- फोटो : X

Bihar Crime: बिहार  में उस वक्त सनसनी फैल गई जब राजस्थान की कोटा पुलिस ने अंतरराज्यीय ठगी के एक बड़े मास्टरमाइंड को होटल से धर दबोचा। सालों से अलग-अलग राज्यों में ठगी का जाल बिछाकर हजारों लोगों को चूना लगाने वाला यह शातिर आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया। पुलिस ने आरोपी के पास से नकदी, लग्जरी कार और कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।कोटा पुलिस ने ठग को भागलपुर के नवगछिया से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान कुमार सानू उर्फ दीपक सिंह (25) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक यह ठग लंबे समय से बेरोजगार युवाओं और आम लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठता था। कोटा रेंज के आईजी ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था, जिसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

कोटा की एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि आरोपी ने “ओएसिस एंटरप्राइजेज” नाम से एक फर्जी कंपनी खड़ी कर रखी थी। कंपनी के नाम पर लोगों को घर बैठे किताबें तैयार करने का काम देने का लालच दिया जाता था। बेरोजगारी से जूझ रहे लोग इस झांसे में आसानी से फंस जाते थे। काम देने के नाम पर हर व्यक्ति से 2500 रुपये सिक्योरिटी अमाउंट के तौर पर जमा करवाए जाते थे।

धीरे-धीरे हजारों लोग इस जाल में फंसते चले गए और आरोपी करीब 8500 लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपये ऐंठ चुका था। नवंबर 2025 में मोटी रकम वसूलने के बाद आरोपी अचानक अपना ऑफिस बंद कर फरार हो गया। जब लोगों को ठगी का एहसास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद चालाक और शातिर दिमाग का है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलग-अलग नामों और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करता था। मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम (SIT) ने डिजिटल सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक की। कई दिनों तक पटना और भागलपुर में तलाश के बाद आखिरकार नवगछिया के एक होटल में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

छापेमारी के दौरान आरोपी के पास से 1.88 लाख रुपये नकद, ठगी के पैसों से खरीदी गई लाल रंग की हुंडई औरा कार और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले सात वर्षों से बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में ठगी का खेल खेल रहा था।

फिलहाल कोटा पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर राजस्थान ले गई है। वहां उससे सख्ती से पूछताछ की जा रही है और उसके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस ठगी नेटवर्क के कई और बड़े राज सामने आ सकते हैं।

रिपोर्ट- अंजनी कुमार कश्यप