राजस्व अधिकारी को दाखिल-खारिज में देरी करना पड़ा महंगा,डीएम ने कर दी बड़ी कार्रवाई, विभाग में मचा हड़कंप

Bihar Land News: राजस्व कार्यों में लापरवाही, लंबित मामलों के प्रति उदासीनता और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते गयाजी के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने नगर अंचल, गया के राजस्व अधिकारी राम कुमार रमन के विरुद्ध सख्त कदम उठाया है।...

राजस्व अधिकारी को दाखिल-खारिज में देरी करना पड़ा महंगा- फोटो : reporter

Bihar Land News: राजस्व कार्यों में लापरवाही, लंबित मामलों के प्रति उदासीनता और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते गयाजी के जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने नगर अंचल, गया के राजस्व अधिकारी  राम कुमार रमन के विरुद्ध सख्त कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए इसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया है।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि राजस्व अधिकारी द्वारा राजस्व प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) वाद उनके लॉगिन में अनावश्यक रूप से लंबित रखे गए। इसके अतिरिक्त आम-खास सूचना से संबंधित 213 आवेदन तथा 120 दिनों से अधिक समय से लंबित कुल 388 आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं किया गया, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दाखिल-खारिज के कई मामलों में त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किए गए, जो राजस्व मामलों के निष्पादन में अपेक्षित सतर्कता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को दर्शाता है।जिला पदाधिकारी ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर द्वारा कराई गई जांच में भी राजस्व अधिकारी के स्तर पर भूमि संबंधी अनेक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने तथा तथ्यों के अनुरूप जांच नहीं किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच प्रतिवेदन में कई मामलों में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

इसके अतिरिक्त जांच में राजस्व पदाधिकारी स्तर पर ऑनलाइन डिमांड में हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया। यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में जमाबंदी रद्द होने के बावजूद डिमांड को कायम रखा गया, जो राजस्व अभिलेखों के संधारण में गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।जिला पदाधिकारी ने बताया कि उपर्युक्त सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें उपलब्ध अभिलेखों एवं जांच प्रतिवेदनों के आधार पर संबंधित राजस्व अधिकारी की गंभीर लापरवाही प्रमाणित हुई। इसी आधार पर उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई हेतु राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया गया है।जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि राजस्व कार्यों में लापरवाही, अनियमितता एवं आम जनता के कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। ज़िला प्रशासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध राजस्व प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

रिपोर्ट - मनोज कुमार