गया में नकली नोटों का काला खेल बेनकाब, 500 के 220 जाली नोट बरामद, नेटवर्क की जड़ तलाश रही पुलिस

Bihar Crime: जाली नोटों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर 500 रुपये के 220 नकली नोट बरामद किए हैं।

नकली नोटों का काला खेल बेनकाब- फोटो : reporter

Gaya: जिले में जाली नोटों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर 500 रुपये के 220 नकली नोट बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। बरामद नोटों की कुल अंकित कीमत 1.10 लाख रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई ने इलाके में चल रहे कथित जाली नोटों के नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच को एक नया सिरा दे दिया है।मामला बाराचट्टी थाना क्षेत्र के सोमैया गांव से जुड़ा है, जहां औरंगाबाद पुलिस की टेक्निकल सेल ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सोमैया गांव निवासी विजय यादव को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास इतनी बड़ी संख्या में जाली नोट कहां से पहुंचे और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई की शुरुआत औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र में जाली नोट से जुड़े एक मामले की जांच से हुई। जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। इसी सूचना को आगे बढ़ाते हुए औरंगाबाद पुलिस की टेक्निकल सेल ने गया पुलिस से संपर्क किया।इसके बाद बाराचट्टी थाना पुलिस के सहयोग से सोमैया गांव में छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक को दबोच लिया और तलाशी के दौरान उसके पास से 500 रुपये के 220 कथित जाली नोट बरामद किए।अगर बरामदगी की पुष्टि जांच में होती है, तो यह कार्रवाई नकली करेंसी के कारोबार में सक्रिय किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंचने के लिए अहम कड़ी साबित हो सकती है।

बरामद किए गए 220 नोट यदि जांच में नकली पाए जाते हैं, तो इनकी कुल अंकित कीमत ₹1,10,000 होती है। इतनी मात्रा में जाली करेंसी की बरामदगी ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल है कि ये नोट कहां तैयार हुए, किस माध्यम से गया पहुंचे और इन्हें बाजार में खपाने की क्या योजना थी? पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।बाराचट्टी थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अमरेन्द्र किशोर के मुताबिक औरंगाबाद पुलिस की टेक्निकल सेल की टीम बाराचट्टी पहुंची थी और स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा था। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया और टेक्निकल सेल की टीम उसे अपने साथ ले गई।

एक आरोपी की गिरफ्तारी और कथित तौर पर 220 जाली नोटों की बरामदगी के बाद पुलिस का फोकस अब पूरे नेटवर्क पर है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी अकेले इस खेल में शामिल था या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों की सप्लाई किस रास्ते से हुई और इन्हें किन इलाकों में खपाया जाना था। इसके लिए आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उसके संपर्कों और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

जाली करेंसी का कारोबार सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि बाजार और आम लोगों के भरोसे के लिए भी गंभीर चुनौती है। नकली नोट असली करेंसी की तरह बाजार में घूमने लगें तो आम दुकानदार और ग्राहक दोनों प्रभावित हो सकते हैं।गया में हुई यह कार्रवाई ऐसे ही कथित नेटवर्क पर पुलिस के शिकंजे की अहम कड़ी मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और बरामद नोटों की जांच समेत नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई जारी है।अब निगाह इस बात पर है कि विजय यादव से पूछताछ में जाली नोटों के इस कथित काले कारोबार का अगला राज क्या खुलता है और पुलिस कितने चेहरों तक पहुंच पाती है।

रिपोर्ट-मनोज कुमार