Bihar Crime: पुलिस अभिरक्षा से फरार बाल कैदी की दर्दनाक मौत, रेल पटरी पर मिली क्षत-विक्षत लाश,

Bihar Crime: पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए 13 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है।...

पुलिस अभिरक्षा से फरार बाल कैदी की दर्दनाक मौत- फोटो : reporter

Bihar Crime:गयाजी जिले के परैया थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए 13 वर्षीय नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। थाना से भागने के कुछ ही देर बाद उसका क्षत-विक्षत शव प्रभुआ गांव के सामने गया–डीडीयू रेलखंड पर मिला। इस दर्दनाक घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जबकि पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आशंका जताई जा रही है कि चलती ट्रेन पर चढ़ने के दौरान नाबालिग का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन तफ्तीश कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को परैया स्थित मध्य बिहार ग्रामीण बैंक में चोरी के आरोप में इस नाबालिग को पकड़ा गया था। आरोप है कि दखनेर निवासी निवास सिंह बैंक में रुपये जमा करने पहुंचे थे। इसी दौरान लड़के ने कथित तौर पर उनके झोले को ब्लेड से काटकर उसमें रखे सौ-सौ रुपये के चार बंडल निकाल लिए और भागने लगा। हालांकि बैंक के बाहर ही उसे पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर कथित गिरोह और उसके अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही थी।

मंगलवार सुबह नाबालिग पुलिस को चकमा देकर थाना परिसर से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी ही थी कि कुछ समय बाद प्रभुआ गांव के पास रेल पटरी पर एक बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त फरार नाबालिग के रूप में की।

घटना के बाद सुशांत कुमार चंचल और सर्किल इंस्पेक्टर ने खुद मामले की कमान संभाल ली है। वरिष्ठ अधिकारी परैया थाना पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं तथा ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि नाबालिग थाना परिसर से कैसे फरार हुआ और उसकी मौत केवल हादसा थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी है।

पुलिस अभिरक्षा से एक नाबालिग का फरार होना और फिर कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

रिपोर्ट-मनोज कुमार