पटना में कुशवाहा महिला समाज का 'सावन महोत्सव',हरे परिधानों में थिरकीं महिलाएं,दिखी सांस्कृतिक छटा

पटना के गोला रोड स्थित टी पॉइंट रिसोर्ट में सावन की उमंग के बीच पूरे बिहार से जुटीं सैकड़ों महिलाएं। हरे परिधानों और पारंपरिक व बॉलीवुड गीतों की धुन पर जमकर हुआ नृत्य। कार्यक्रम ने दिया महिला एकजुटता और संस्कृति का सुंदर संदेश।

kushwaha Sawan Mahotsav Patna
पटना में कुशवाहा महिला समाज का 'सावन महोत्सव'- फोटो : Reporter

सावन की हरियाली, उमंग और सौहार्द के बीच रविवार को पटना के गोला रोड स्थित टी पॉइंट रिसोर्ट में कुशवाहा महिला समाज द्वारा 'सावन महोत्सव' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह में पूरे बिहार से पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं हरे रंग के आकर्षक परिधानों में सजी-धजी नजर आईं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान कर सावन की सांस्कृतिक परंपरा और आपसी सौहार्द को मजबूत करना रहा।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और गीतों की धुन पर थिरकीं महिलाएं 

महोत्सव के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक सावन गीतों से लेकर बॉलीवुड के लोकप्रिय गानों पर जमकर नृत्य किया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। 'चुनरी चुनरिया', 'सावन में मोरनी बन के', 'सावन में लग गई आग' और 'तेरी अखियों का वो काजल' जैसे प्रसिद्ध गीतों पर महिलाएं देर तक झूमती रहीं। पूरे आयोजन स्थल पर हंसी-खुशी और उत्सव का माहौल बना रहा।

समारोह में प्रमुख हस्तियों और महिलाओं की मौजूदगी 

इस रंगारंग कार्यक्रम में समाज की कई प्रमुख और गणमान्य महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समारोह में मुख्य रूप से डॉ. स्वाति, प्रो. सुहेली मेहता, रूबी रानी, पल्लवी प्रकाश, मन्शु मेहता, राधा, पिंकी, मंजू कुमारी, कुमारी पूनम, पूनम, स्नेहा, अमृता, रिंकु, प्रियंका, अवनी और सरिता सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

एकजुटता और परंपरा का दिया खूबसूरत संदेश 

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों और खेल-कूद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। संगीत, नृत्य और आपसी मेल-मिलाप से सराबोर इस 'सावन महोत्सव' ने न केवल लोक संस्कृति और तीज-त्यौहार की परंपरा को जीवंत किया, बल्कि महिला एकजुटता और सशक्तिकरण का भी एक सुंदर और प्रेरणादायक संदेश दिया।