Bihar Crime:नशे में अंधा हुआ बेटा बना हैवान, मां की ममता को कुचल कर दी दर्दनाक मौत, इलाके में मातम

Bihar Crime: एक कलयुगी बेटे ने नशे की हालत में अपनी ही मां को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई और पीछे छोड़ गया सिसकता हुआ परिवार और स्तब्ध समाज...

नशे में अंधा हुआ बेटा बना हैवान- फोटो : reporter

Bihar Crime: खौफनाक खबर ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। गोपालगंज के महम्मदपुर थाना क्षेत्र के काशी टेंगराही गांव में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने मां-बेटे के पाक रिश्ते को शर्मसार कर दिया। एक कलयुगी बेटे ने नशे की हालत में अपनी ही मां को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई और पीछे छोड़ गया सिसकता हुआ परिवार और स्तब्ध समाज।

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला जमीन बंटवारे को लेकर चल रहे लंबे विवाद का नतीजा है। घर के आंगन में पनप रहा यह झगड़ा अचानक उस वक्त खौफनाक मोड़ ले बैठा, जब आरोपी बेटा शराब के नशे में धुत होकर अपना आपा खो बैठा। गुस्से और नशे की गिरफ्त में उसने अपनी ही मां पर हमला कर दिया वो मां, जिसने उसे जन्म दिया, पाल-पोस कर बड़ा किया। इल्जाम है कि उसने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए मां के हाथ-पैर तक तोड़ डाले। चीखों से गूंज उठा घर, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजनों और गांव वालों ने किसी तरह घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने पहले सदर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।

मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था जिंदगी और मौत के बीच जूझती वह मां रास्ते में ही दम तोड़ गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, हर आंख नम हो गई और हर दिल में एक ही सवाल उठने लगा क्या कोई बेटा इतना बेरहम हो सकता है? मृतका के दूसरे बेटे ने बताया कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। आरोपी कुछ समय पहले बाहर से लौटा था और धीरे-धीरे शराब की लत में डूबता चला गया। यही लत आखिरकार इस दिल दहला देने वाली वारदात की वजह बन गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते धागों और समाज में बढ़ती संवेदनहीनता की एक दर्दनाक तस्वीर है। जहां मां की ममता हार गई और नशे की अंधेरी दुनिया जीत गई वहीं यह सवाल छोड़ गई कि आखिर हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं?

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा