Bihar Crime: तस्कर के साम्राज्य पर पुलिस का शिकंजा, करोड़ों की काली कमाई रडार पर, अपराध से कमाई गई संपत्तियों की जब्ती की ओर बढ़ी कार्रवाई से हड़कंप

Bihar Crime:संगठित अपराध और अवैध कमाई के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक करते हुए सरगना अरमान खान उर्फ हसमदध्दीन खान के खिलाफ शिकंजा कस दिया है।...

तस्कर के साम्राज्य पर पुलिस का शिकंजा- फोटो : reporter

Bihar Crime: गोपालगंज पुलिस ने संगठित अपराध और अवैध कमाई के नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक करते हुए अंतरराज्यीय पशु तस्करी गिरोह के कथित सरगना अरमान खान उर्फ हसमदध्दीन खान के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के नेतृत्व में की गई विस्तृत जांच के बाद मामले को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट  के तहत कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई , पटना को भेज दिया गया है।

कटेया थाना कांड संख्या 43/2026 में दर्ज मामले की तहकीकात के दौरान पुलिस को ऐसे कई अहम सुराग मिले, जिनसे यह संकेत मिला कि आरोपी वर्षों से अंतरराज्यीय स्तर पर संगठित पशु तस्करी नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि वर्ष 2016 से 2025 के बीच इस अवैध कारोबार के जरिए भारी आर्थिक फायदा उठाया गया और उसी रकम से करोड़ों रुपये की संपत्तियां खड़ी की गईं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और संगठित हिंसा जैसे गंभीर मामलों समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी और उसके परिजनों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है। इसके अलावा फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, जेसीबी, ट्रैक्टर समेत कई महंगे वाहन और एक आलीशान आवासीय भवन भी जांच के दायरे में आए हैं।

पुलिस के अनुसार उपलब्ध बैंक दस्तावेज, संपत्ति अभिलेख, वाहन विवरण और आपराधिक इतिहास का अध्ययन करने के बाद प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि लगभग 3.40 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अपराध जनित आय से अर्जित की गई हैं। इसी आधार पर मामले को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत परीक्षण और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई को भेजा गया है।

एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब अपराधियों के सिर्फ आपराधिक कारनामों पर नहीं, बल्कि उनके आर्थिक साम्राज्य पर भी प्रहार किया जाएगा। गोपालगंज पुलिस ने ऐसे कई अन्य अपराधियों को भी चिन्हित किया है जिनके खिलाफ संगठित अपराध और अनुसूचित अपराध के मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है या जिनकी अकूत संपत्तियों के पीछे अवैध कमाई के प्रमाण मिले हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट और BNSS की संबंधित धाराओं के तहत संपत्ति जब्ती और अधिग्रहण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साफ है कि अब कानून का निशाना केवल अपराधी नहीं, बल्कि अपराध से खड़ा किया गया पूरा आर्थिक नेटवर्क है। गोपालगंज पुलिस का यह अभियान संगठित अपराध की कमर तोड़ने और काली कमाई के साम्राज्य को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा