Bihar Fake Marriage: दुल्हन निकली ठगों की रानी, सात फेरे पड़े फीके, लाखों के गहने-नकदी समेटकर फुर्र, राजस्थान का दूल्हा कैमूर में बना जालसाजी का शिकार

Bihar Fake Marriage: शादी के नाम पर कथित ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सात फेरों की पवित्र रस्म पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुल्हन निकली ठगों की रानी- फोटो : reporter

Bihar Fake Marriage: कैमूर से शादी के नाम पर कथित ठगी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सात फेरों की पवित्र रस्म पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के बीकानेर से दुल्हन लेने पहुंचे परिवार को क्या पता था कि शादी की शहनाई के पीछे ठगी का पूरा पटकथा तैयार है। आरोप है कि दुल्हन, दलाल और उसके साथियों ने मिलकर ऐसा खेल रचा कि दूल्हे का परिवार लाखों रुपये और जेवर गंवाकर थाने की चौखट पर न्याय की गुहार लगाने को मजबूर हो गया।

राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक निवासी गौतम के बड़े भाई भंवर लाल ने भभुआ थाना में आवेदन देकर दुल्हन, बिचौलिए संतोष उर्फ सतीश तिवारी और अन्य लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि भाई की शादी के लिए लड़की की तलाश के दौरान संतोष ने भरोसा दिलाया कि कैमूर के करमचट थाना क्षेत्र के भीतरी बांध गांव की नेहा कुमारी से विवाह करा देगा।

आरोप है कि गरीबी का हवाला देकर शादी के नाम पर पहले एक लाख रुपये नकद और करीब 1.17 लाख रुपये के जेवर व अन्य कीमती सामान ले लिए गए। इसके बाद 7 जुलाई को कथित तौर पर कोर्ट मैरिज कराई गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि जिस जगह शादी कराई गई, वहां कोर्ट जैसा माहौल तो बनाया गया था, लेकिन टेबल पर सिर्फ स्टांप पेपर और मोहर रखकर पूरी पटकथा निभाई गई।

इसके बाद बिचौलिए ने कहा कि ट्रेन सुबह है, इसलिए दूल्हा पक्ष होटल चला जाए और दुल्हन को सुबह स्टेशन पहुंचा दिया जाएगा। अगले दिन भभुआ रोड स्टेशन पर युवती तो पहुंची, लेकिन जब उससे सामान के बारे में पूछा गया तो उसने शौचालय जाने का बहाना बनाया और आरोप है कि पहले से इंतजार कर रहे बाइक सवार के साथ फरार हो गई।पीड़ित परिवार का कहना है कि इसके बाद बिचौलिए का मोबाइल भी बंद हो गया। तभी उन्हें एहसास हुआ कि यह शादी नहीं, बल्कि सुनियोजित ठगी का जाल था। अब पूरा मामला भभुआ थाना पहुंच चुका है।

भभुआ थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।बहराहल जब रिश्ता भरोसे से नहीं, दलाल के वादों से तय होने लगे, तो कभी-कभी सात फेरे भी ठगी की पटकथा का हिस्सा बन जाते हैं।

रिपोर्ट- देव तिवारी