Bihar Crime: मस्जिद में चोरी का इल्जाम, पंचायत का फरमान, रोते रहे बच्चे, बरसती रहीं लाठियां, इंसानियत के कत्ल का वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया प्रशासन
Bihar Crime:मस्जिद में करीब 5 लाख रुपये की चोरी के आरोप में दो मासूम बच्चों को पकड़कर पंचायत के सामने पेश किया गया लेकिन पुलिस को खबर देने के बजाय यहां खुद का तालिबानी सजा सुनाया गया।...
Bihar Crime: कटिहार के आजमनगर इलाके से एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने कानून, इंसाफ और इंसानियत तीनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। दनिहा पंचायत में मस्जिद से कथित तौर पर 5 लाख रुपये की चोरी का इल्जाम दो नाबालिग बच्चों पर लगा, लेकिन इस मामले में जो इंसाफ हुआ, वह किसी अदालत का नहीं बल्कि गांव की पंचायत का फरमान था और अंदाज़ ऐसा कि लोगों ने इसे तालिबानी सजा करार दे दिया।
मामला तब गरमाया जब गांव के कुछ लोगों ने बच्चों को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के बजाय पंचायत बिठा दी। पंचायत में मुखिया प्रतिनिधि सिकंदर भाट की मौजूदगी में एक तरह से फैसला सुना दिया गया। इसमें बच्चों से यह कबूलनामा लिखवाया गया कि वे 3 मई तक 2 लाख रुपये पंचायत के जरिए मस्जिद कमेटी को लौटाएंगे। हैरत की बात यह है कि पूरे मामले में ना कोई कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई और ना ही पुलिस को तुरंत खबर दी गई।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती इस फैसले के बाद जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों बच्चों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा जा रहा है। गांव के कुछ लोग इसे सबक सिखाने का तरीका बता रहे हैं, तो कुछ इसे खुला ज़ुल्म और कानून की धज्जियां उड़ाना कह रहे हैं।
इस पूरे कांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पंचायत को कानून अपने हाथ में लेने का हक है? क्या नाबालिगों के साथ इस तरह का सलूक जायज ठहराया जा सकता है? और सबसे अहम क्या इस तरह के फैसले कानून के राज को कमजोर नहीं करते?
वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन हरकत में आया है। बारसोई अनुमंडल के डीएसपी अजय कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह भी हकीकत है कि सुदूर इलाकों में पंचायतें कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन जब यही पंचायतें कानून को दरकिनार कर सजा-ए-फरमान सुनाने लगें, तो सवाल उठना लाज़िमी है। फिलहाल, कटिहार का यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि इंसाफ बनाम इंसानियत की जंग बन चुका है जहां अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह